उरई। किशोरी से दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर दोषी को न्यायाधीश डॉ अवनीश कुमार ने 10 साल की कैद और 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला पांच साल पुराना है।
शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक इलाके से 12 फरवरी 2018 को कांशीराम कॉलोनी के रहने वाला आनंद चौहान 15 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर कर अपने साथ ले गया था। इस मामले में किशोरी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने बहला फुसलाकर ले जाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने लोकेशन के आधार पर किशोरी को आनंद चौहान के पास से बरामद कर लिया और आरोपी को जेल भेज दिया था। मेडिकल परीक्षण करने के बाद उसे न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में आईपीसी की धारा 376 और पास्को एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की थी। पुलिस ने न्यायालय में किशोरी को भगाने वाले आरोपी आनंद चौहान के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया था।
करीब पांच साल चले ट्रायल के बाद शनिवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह और गवाहों के बयान सुनने के बाद सबूतों के आधार पर स्पेशल पॉस्को एक्ट के न्यायाधीश डॉ. अवनीश कुमार ने आनंद चौहान को दोषी पाते हुए दस साल की कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
