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चित्रकूट। मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी की मौजूदगी में चित्रकूट जिला जलवायु परिवर्तन की कार्य योजना के लिए हितग्राही परामर्श कार्यशाला शहर के एक होटल में हुई। जलवायु परिवर्तन की कार्य योजना के लिए मंडल में जनपद चित्रकूट को चुना गया है।

शनिवार को बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि चित्रकूट आध्यात्मिक स्थल है। ऐसा प्लान बनाएं कि यहां का पर्यावरण संरक्षित रहे। कहा कि यहां पर शुद्ध जल, वातावरण, हवा भी है। सीवेज का जो पानी आता है उसे ट्रीटमेंट कर उपयोग किया जाए। मंदाकिनी नदी में वेस्ट वाटर आता है। इसमें संगठनों द्वारा कार्य किया जा रहा है। कहा कि ऐसे पार्ट को चिन्हित कर मशीनीकरण कराएं।

प्लास्टिक पर प्रतिबंध किया जाना चाहिए। सोलर एनर्जी से पॉल्यूशन कम होगा। इसका प्रयोग करें। रोजगार पर कार्य योजना बने। उन्होंने किसानो से केमिकल का इस्तेमाल न करने की अपील की। नैनो खाद पर विशेष ध्यान दें। ऑर्गेनिक खेती करें।

इस मौके पर अपर मुख्य वन संरक्षक फील्ड डॉयरेक्टर रानीपुर कार्तिक कुमार सिंह, जिलाधिकारी अभिषेक आनंद, विशेष सचिव वन एवं पर्यावरण लखनऊ आशीष तिवारी, मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर क्षेत्र व वन संरक्षक बांदा मनीष मित्तल, पदमश्री जल एवं वन सामाजिक कार्यकर्ता उमाशंकर पांडेय, उपनिदेशक रानीपुर टाइगर रिजर्व पीके त्रिपाठी, सीईओ वसुंधरा फाउंडेशन नई दिल्ली श्रीनिवासन कृष्ण स्वामी, वसुधा फाउंडेशन से डॉ. प्रीति मौजूद रहीं।



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