बांदा। ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना से 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने सहित दो लाख तक की सीमा तक व्यक्तिगत लाभार्थी परक कार्यों में लापरवाही पर लोकपाल मनरेगा ने नाराजगी जाहिर की है। खंड विकास अधिकारी महुआ व जसपुरा को नोटिस जारी कर एक पक्ष में स्पष्टीकरण सहित साक्ष्य और अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है।
लोकपाल ने जसपुरा व महुआ बीडीओ को जारी आदेशों में कहा कि मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीणों को मांग के अनुरूप 100 दिन का रोजगार दिया जाना है। इसके साथ ही आजीविका संवर्धन के लिए दो लाख की सीमा तक कार्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लेकिन ग्राम पंचायत में मनमाने तरीके से अधिनियम के विरुद्ध प्राक्कलन गठित कराकर स्वीकृतियां निर्गत की गई हैं। जो शासन की मंशा के विपरीत हैं।
जसपुरा विकास खंड के ग्राम पंचायत डाडामऊ, नरजिता, नारायण, गडौला, नांदादेव, अदरी में वर्ष 2022-23 व 2023-24 में कई लोगों को खेत में मेड़बंदी कार्य के लिए दो लाख रुपये से अधिक की स्वीकृतियां की गई हैं।
इसी प्रकार विकास खंड महुआ के ग्राम पंचायत बांसी, मूतियारी, पिथौराबाद, हुसैन पुर कला, सहेवा आदि में वर्ष 2023-24 में कई लोगों को दो व तीन लाख से अधिक की पौधरोपण व समतलीकरण आदि कार्य की स्वीकृतियां की गई है। जबकि जरूरतमंद मेड़बंदी कार्य के लिए परेशान है। लोकपाल नंदलाल ने दोनों बीडीओ से एक पक्ष में स्पष्टीकरण सहित साक्ष्य और अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है। अन्यथा की दशा में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
