संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 29 Oct 2023 07:57 PM IST
चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि देश में सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुलसी पीठ में बातचीत में इसी विषय पर चर्चा हुई कि कैसे धर्म के इन विरोधियों का सामना किया जाए और रामत्व को घर-घर तक पहुंचाया जाए। विपक्षियों के आईएनडीआईए (इंडिया) गठबंधन पर कटाक्ष कर जगद्गुरु ने कहा कि 2024 में यह विपक्ष का एंड हुआ साबित होगा।
27 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चित्रकूट के तुलसीपीठ पर जगद्गुरु से मिलने उनके आवास पहुंचे थे। इसी संदर्भ में उनकी हुई विशेष बातचीत के बारे में रविवार को जगद्गुरु ने कहा कि यह दो पुराने मित्रों का मिलन था। साल 1988 में उनसे दोस्ती हुई थी। कई गुप्त बातें हुई जिन्हें सार्वजनिक नहीं करते। ज्यादातर राम व राष्ट्र विषय पर ही चर्चा हुई। गहन चिंतन हुआ कि रामत्व को जन जन तक कैसे पहुंचाए, जिससे सनातन धर्म की रक्षा हो सके। साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को विकसित देशों की सूची में विश्व में तीसरे नंबर पर लाने की योजना है। अभी पांचवें नंबर तक भारत आ चुका है।
उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनाने और रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की भी चर्चा हुई। कहा कि देश में भाजपा की सत्ता है इससे विपक्षी परेशान हैं। सनातन धर्म पर कुछ नेता अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। इतिहास साक्षी है कि ऐसे लोगोंं का देश हित से कोई वास्ता नहीं होता है।
