संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 31 Oct 2023 12:16 AM IST
चित्रकूट। रात्रि में धोखे से घर का दरवाजा खुलवाकर युवक का अपहरण करके ले जाने के मामले में दोषी को विशेष न्यायाधीश ने जेल में बंद डाकू खरदूषण उर्फ भइयन को सात वर्ष सश्रम करावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सोमवार को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि रैपुरा थाने में छोटापाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 31 अगस्त 2016 की रात वह अपने घर के बाहर सो रहा था। इस दौरान दो लोग बंदूक लेकर आए और उसे चुपचाप लेटे रहने के लिए धमकाया। इसके बाद उनमें से एक व्यक्ति ने घर के दरवाजे के पास जाकर कुंडी खटखटाते हुए दरवाजा खोलने के लिए आवाज दी।
जिस पर उसके चाचा का लड़का भइयालाल को आवाज सुनकर दरवाजा खोल दिया। जिसके बाद उसे सब ने मिलकर पकड़ लिया और कहा कि राजकरण कोल का घर बताओ। वहां ले जाने पर राजकरण घर में मौजूद नहीं मिला। जिसके बाद बदमाश उसके भाई भइयालाल को मात्र अगौंछा पहने हुए पकड़ ले गए। इसके बाद से अब तक उसका कोई पता नहीं चला।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद दस्यु खरदूषण उर्फ भईयन पुत्र हीरालाल निवासी नेवरा मऊ को मुठभेड में गिरफ्तार किया था। साथ ही इस मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने दोषी जेल में बंद डाकू खरदूषण उर्फ भइयन को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
