तिंदवारी। कम आपूर्ति वोल्टेज और लो वोल्टेज से किसानों में नाराजगी है। उन्होंने सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से करीब तीन दर्जन गांव के किसानों की फसल को लेकर पलेवा न हो पाने का संकट खड़ा हो गया है। यही हाल रहा तो फसल को लेकर किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
सेमरी के किसान सत्यवीर सिंह, पिपरगवां के रामगोपाल, गोखरही के रामसिया, मूंगुस के राजाबाबू सिंह, सहिंगा के विक्रम सिंह, परसौड़ा के स्वयंवर तिवारी ने बताया कि कस्बा स्थित सब-स्टेशन से तिंदवारी समेत पिपरगवां, तेरही माफी, भुजौली, गरौती, गोधनी, मूंगुस, सेमरी, गोखरही, महुई, परसौड़ा, मिरगहनी, छिरहुंटा, बिछवाही, भिड़ौरा, छापर, माटा, जसईपुर, धौसड़, जमुआ, खौंड़ा, सहिंगा, बहिंगा, दतरौली, बछेउरा आदि गांवों के सैंकड़ों किसानों के करीब दस हजार बीघा रकबे की सिंचाई के लिये सरकारी और निजी नलकूपों को बिजली आपूर्ति की जाती है।
लेकिन दो माह से आपूर्ति मात्र छह से आठ घंटे ही मिल पा रही है, जबकि उसमें भी लो वोल्टेज का संकट रहता है। इस वजह से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। कहा कि विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
वर्जन
-एसडीओ शोएब जमाल का कहना है कि क्षेत्र में नलकूपों की संख्या अधिक होने और सिमौनी तक आपूर्ति समेत कुछ वाटर प्लांटों की आपूर्ति में मशीनों में लोड अधिक होने से लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। क्रमवार फीडरों को बंद कर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है।
