बांदा। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी के बाहर शनिवार को डेंगू की जांच कराने पहुंचे मरीजों की लंबी लाइन लग गई। संख्या अधिक होने के कारण काफी धक्का मुक्की भी रही। तीस मरीजों ने जांच कराई, जिसमें तीन में डेंगू की पुष्टि हुई और 27 को तेज बुखार था। जिले में अब तक 311 डेंगू के मामले आ चुके हैं।
डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। शनिवार को तेज बुखार और डेंगू के लक्षण संबंधित 30 मरीज पहुंचे। ओपीडी में उन्हें डेंगू की जांच कराने को कहा गया। काफी संख्या होने की वजह से लाइन में मरीजों और तीमारदारों को धक्का मुक्की के बीच यह जांच करानी पड़ी।
हालांकि अस्पताल स्टाफ द्वारा व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया। शहर के बलखंडी नाका मोहल्ला निवासी पूजा (14), कोतवाली रोड निवासी अबरार (7) पुत्र बाबू खां, बन्यौटा गांव निवासी अपूर्वा (23) को डेंगू की पुष्टि की गई। डेंगू के साथ ही अन्य जांचों समेत पैथालॉजी में 330 मरीजों ने जांच कराई। ओपीडी में सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की भीड़ रही।
फिजिशियन डॉ. हृदयेश पटेल के अनुसार मौसम बदलने से इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। साठ से सत्तर मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।
बांदा। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हाउस इंडेक्स सर्वे के अनुसार शनिवार को शहर के आवास विकास, खिन्नी नाका, मर्दन नाका, किरण कालेज चौराहा, कटरा मोहल्ला में 188 घरों का टीम ने निरीक्षण किया।
निरीक्षण वाले घरों के 796 पानी से भरे पात्रों को देखा गया। जिसमें 21 घर व 28 पात्र एडीज मच्छर लार्वा धनात्मक मिले। इन पात्रों को खाली कराया गया। पात्रों को खाली न करने पर तीन घरों को नोटिस दिया गया। जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया गया।
