उरई। जिले की तहसीलों में आयोजित समाधान दिवसों में न्याय की आस में पहुंचे फरियादियों को न्याय की जगह सिर्फ आश्वासन मिला। मंडलायुक्त भी सिर्फ तीन फरियादियों को न्याय दिला पाए। पांचों तहसील में 168 फरियादी पहुंचे। इसमें 156 को निराश लौटना पड़ा। मात्र 12 की समस्याएं हल हो सकीं।
जालौन तहसील में मंडलायुक्त डॉ. आदर्श सिंह अध्यक्षता एवं डीएम राजेश कुमार पांडेय, एसपीडॉ. ईराज राजा की उपस्थिति में 43 फरियादियों की समस्या को सुना गया। इसमें तीन का समाधान हो पाया। शिकायतों को सुनने के बाद मंडलायुक्त ने अधीनस्थों को सख्त निर्देश दिए कि वह समस्याओं के समाधान में तत्परता दिखाएं और एक सप्ताह के अंदर मौके पर जाकर शिकायत का समाधान करें। सिर्फ निस्तारण आख्या से काम न चलाएं बल्कि शिकायत का स्थाई समाधान निकालें।
समस्या के समाधान न होने से शिकायत बार बार होती है। इस मौके पर सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा, एसडीएम सुरेश कुमार, सीओ रविंद्र गौतम, तहसीलदार एसके मिश्रा, ईओ सीमा तोमर आदि मौजूद रहे।
वहीं उरई तहसील में आयोजित समाधान दिवस में एसडीएम अभिषेक कुमार ने शिकायतें सुनीं। जिसमें 28 शिकायतें मौके पर पहुंची। जिसमें सिर्फ चार का समाधान हो सका। सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व और पालिका से जुड़ी हुईं पहुंची। एसडीएम ने शिकायतों को सुनते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि फरियादियों की समस्या का समाधान मौके पर जाकर करें। तहसीलदार कुमार भूपेंद्र, नगर पालिका ईओ विमलापति आदि मौजूद रहे।
कालपी में एसडीएम हेमंत पटेल और सीओ डॉ.देवेंद्र पचौरी ने 30 फरियादियों की शिकायतें सुनीं। जिसमें एक को न्याय मिल पाया। मौके पर तहसीलदार शेर बहादुर सिंह, नायाब तहसीलदार हरदीप सिंह, एसडीओ आदर्श राज यादव आदि मौजूद रहे। कोंच में एसडीएम अतुल कुमार की अध्यक्षता और तहसीलदार अभिनव तिवारी की मौजूदगी में संपन्न संपूर्ण समाधान दिवस में 17 शिकायतें आईं। इनमें से दो का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। माधौगढ़ में एसडीएम शशिभूषण व एएसपी असीम चौधरी की मौजूदगी में 50 फरियादियों ने शिकायत दर्ज कराईं। दो शिकायतों का समाधान किया गया। इस दौरान तहसीलदार अमित शेखर,नायव तहसीलदार भुवनेंद्र कुमार, बीडीओ रमेश चंद्र शर्माआदि मौजूद रहे।
