संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 06 Nov 2023 12:23 AM IST
उरई। कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को बेटे का मनपसंद सब्जी न बनाने पर मां से विवाद हो गया। विवाद में मां ने जहर खाकर जान दे दी तो वहीं बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुशील नगर निवासी बेबी सिंह चौहान (55) अपने छोटे बेटे दिग्विजय सिंह (27) के साथ रहती थीं। उनके पति की 1997 में हुई मौत के बाद से नहर विभाग में मृतक आश्रित कोटे से बाबू पद पर तैनात थीं। जबकि छोटा बेटा दिग्विजय प्राइवेट तौर पर उनके ही विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर था। शनिवार को दिग्विजय त्रिपलसी की परीक्षा देने झांसी गया था। देर शाम वह घर लौटा और उसने मां से मनपंसद सब्जी बनाने की बात कही। इस पर मां ने उससे कहा कि खाना बन चुका है।
उसके मन की सब्जी सुबह बन जाएगी। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। जिससे नाराज बेबी ने जहर खा लिया। जिससे वह अचेत होकर गिर पड़ी। वहीं मां को देखकर दिग्विजय ने घर के बाथरूम में जाकर रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। आसपास के लोगों को जानकारी होने पर उन्होंने झांसी में रह रहे बेबी के बड़े बेटे रवि को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया था। रविवार को पोस्टमार्टम होने के बाद बड़े बेटे रवि ने छोटे भाई व मां को मुखाग्नि दी। एक साथ मां बेटे की हुई मौत से परिजनों व रिश्तेदारों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं अंतिम यात्रा में शामिल लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
