– गुजरात के गिरनार पर्वत की पांचवीं पहाड़ी पर कब्जे के विरोध में लिया गया फैसला
– दिगंबर जैन महासमिति ने भी बनाई आंदोलन की रूपरेखा, जैन समाज में आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। भगवान नेमिनाथ की मोक्षस्थली गुजरात के गिरनार पर्वत की पांचवी पहाड़ी पर अवैध कब्जे के विरोध में 12 नवंबर को देशभर के जैन साधु-साध्वी और त्यागी वृत्ति उपवास रखेंगे। जैन समाज में तीर्थ स्थल पर किए गए कब्जे को लेकर आक्रोश है। झांसी में दिगंबर जैन महासमिति ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
महासमिति के राष्ट्रीय कार्य अध्यक्ष प्रवीण कुमार जैन ने बताया कि गुजरात के गिरनार जैन तीर्थ पर बनी पहाड़ी पर अवैध कब्जा किया गया है। वहीं पिछले दिनों भाजपा के पूर्व सांसद महेश गिरी ने पहाड़ पर दर्शन के लिए जाने वाले जैन साधुओं को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है। इससे जैन समुदाय में रोष है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में चातुर्मासरत आचार्य सन्मति सागर महाराज के शिष्य आचार्य सुनील सागर महाराज के आह्वान पर 12 नवंबर को जैन साधु-साध्वी उपवास पर रहेंगे। साथ ही निर्वाण भूमि से अवैध कब्जा हटवाने के लिए सरकार से मांग करेंगे।
उन्होंने बताया कि जैन समाज ने भी तीर्थ पर कब्जे को लेकर कई बार प्रधानमंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे हैं। मगर अब तक कुछ नहीं हुआ। अब जैन समाज इसे लेकर सड़क पर उतरेगा। आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस मौके पर सुभाष जैन सत्यराज, अशोक जैन रतन सेल्स, रविंद्र जैन रेलवे, विनोद जैन ठेकेदार, सौरभ सर्वज्ञ, अमीष जैन, प्रमोद जैन वैरायटी, राजीव जैन सिर्स, नितिन जैन, डाॅ. जिनेंद्र जैन, अनूप जैन, विकास जैन मौजूद रहे।
