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चित्रकूट। एचडीएफसी बैंक में सुरक्षाकर्मी का काम करने वाला रामधारी सिंह दो माह पूर्व ही एटीएम कैश वैन में काम करने लगा है। सोमवार की सुबह सीओ सिटी हर्ष पांडेय नियमित बैंक रूटीन चेकअप में गए तो कैशवैन के पास खड़े इस सुरक्षाकर्मी को बंदूक सही तरीके से पकड़ने के लिए टोका था। पुलिस के जाने के बाद सुरक्षाकर्मी सड़क पार कर एक दुकान से गुटखा लेने गया और लौटकर कैश वैन में जाकर बैठ गया था।

वाहन में मौजूद दूसरे सुरक्षाकर्मी रामेश्वर व चालक रजनीश ने बताया कि बैंक से कैश निकालकर दूसरे कर्मचारी आ रहे थे तब वह सब वाहन के पास मौजूद थे। इसी बीच वाहन के अंदर मौजूद रामधारी अपने परिजनों से फोन पर कुछ हाल ले रहा था। बताया गया कि उसके दोनों बेटों को बुखार था।

इसी की जानकारी वह परिजनों से ले रहा था। इसी बीच कैश बाहर आते देख रामधारी ने भी वाहन से बाहर निकलने का प्रयास किया तभी उसकी ही दोनाली बंदूक का ट्रेगर अचानक दब गया और गोली उसकी कनपटी के ऊपर लगते हुए वाहन के बाहर निकल गई।

कारतूस के छर्रे इधर उधर बिखर गए। लहूलुहान सुरक्षाकर्मी को देख उसके सहयोगी व चालक भी डर गए। उधर कैश लेकर आ रहे कर्मचारी भी डरकर बैंक के अंदर घुस गए।

स्थानीय लोगों की मानें तो काफी देर तक वाहन के पास कोई नहीं आया तो तीन चार युवकों ने हिम्मत दिखाई। किसी तरह वाहन का दरवाजा खोलकर बेहोश सुरक्षाकर्मी को बाहर निकाला और पुलिस सूचना दी। बैंक कॢमयों की मानें तो वाहन में पहले से लगभग 38 हजार रुपये रखे थे।

पुलिस के आने के बाद अन्य सुरक्षाकर्मी व चालक समेत कुछ बैंककर्मी आगे आए और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद उसे एलएस एबुंलेंस से लगभग सवा दो घंटे में प्रयागराज के अस्पताल पहुंचा दिया गया।

परिजनों से बातचीत के आधार पर बताया गया है कि उसे प्रयागराज के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह आईसीयू में है। देर रात तक उसकी स्थिति की सही जानकारी हो सकेगी।

सीओ सिटी हर्ष पांडेय ने बताया कि एटीएम कैश वाहन में रखे रुपयों को गिनाकर बैंक अधिकारियों के पास जमा कराया गया है। वाहन व बंदूक को पुलिस ने अपनी सुरक्षा में जांच के लिए कोतवाली में रखा है।



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