शिव परिवार कॉलोनी में 17 भूखंड कर लिए थे बंधक
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण ने पंचवटी कॉलोनी में जिन 17 बंधक प्लॉटों की नीलामी निकाली है। उसमें पांच भूखंड कॉलोनाइजर द्वारा पहले ही बेच दिए गए हैं। जेडीए ने नीलामी से पहले टीम से सर्वे कर रिपोर्ट मांग ली है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंचवटी स्थित शिव परिवार कॉलोनी का ले-आउट पास करने के दौरान झांसी विकास प्राधिकरण ने मानक तय किए थे। इसमें कॉलोनी में लोगों को मूलभूत बिजली, पानी समेत सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल था। इसके लिए जेडीए ने कॉलोनी के 17 प्लॉटों को बंधक कर लिया था। मगर कॉलोनी के लोग लगातार जेडीए प्रशासन को शिकायती पत्र देकर बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर न होने की शिकायत कर रहे थे। ऐसे में जेडीए ने कॉलोनी के लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बंधक संपत्ति को बेचने का निर्णय लिया। इन भूखंडों की नीलामी की सूचना भी निकाल दी गई। नौ नवंबर को सभी 17 भूखंडों की नीलामी होनी है। बताया गया कि इनमें से पांच भूखंड कॉलोनाइजर द्वारा पहले ही बेचे जा चुके हैं। नीलामी की सूचना मिलने पर ए-3, ए-4, ए-5, ए-6 और सी-6 के खरीददार जेडीए पहुंचे। इससे जेडीए अफसर भी आश्चर्य में पड़ गए। बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि जेडीए उन भूखंडों की नीलामी कैसे कराएगा। जेडीए सचिव उपमा पांडेय का कहना है कि नीलामी से पहले सभी बंधक भूखंडों को लेकर टीम से सर्वे कर रिपोर्ट मांग ली है। अगर कॉलोनाइजर द्वारा बंधक संपत्ति की बिक्री की गई है, तो कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग को जमा हो चुके डेढ़ करोड़
झांसी। भूखंडों की बिक्री से होने वाली आय से जेडीए कॉलोनी वासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। बताया गया कि खंभे आदि लगाने के लिए जेडीए विद्युत विभाग को डेढ़ करोड़ रुपये जमा कर चुका है।
