उरई। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया की रोकथाम के लिए जिले में 26 चिह्नित स्थानों पर नाइट सर्वे होगा। इसमें संभावित रोगियों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार से और शहरी क्षेत्र में बुधवार से यह अभियान शुरू हो गया।
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि जिले में फाइलेरिया रोगियों की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के लिए जिले की 13 स्वास्थ्य इकाइयों के तहत 26 स्थान चुने गए हैं। जिसमें 600 घरों का सर्वे होगा। इसमें 300 रेंडम और तीन सौ संवेदनशील इलाके होंगे। सर्वे के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में लैब टेक्नीशियन, लैब सहायक, बीएचडब्लू, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता शामिल होंगी। 25 नवंबर तक सर्वे चलेगा।
एसीएमओ और संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फाइलेरिया ऐसी बीमारी है, जिसका पता लगने में देरी होती है। सर्वे के माध्यम से फाइलेरिया के मरीजों की खोज कर उनका समय से इलाज किया जा सकता है। यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है। बायोलॉजिस्ट भावना वर्मा ने बताया कि जिले में सर्वे शुरू हो गया है। चयनित गांव में प्रधान समेत अन्य लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं। डकोर के नट मोहल्ला में ब्लड सर्वे किया गया। इसमें मलेरिया निरीक्षक सुरेश नागर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता रवींद्र सिंह, सहायक रामप्रकाश वर्मा, आशा वर्कर दीका सरकार भी सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सभी सर्वे में सहयोग करें।
इन स्थानों पर होगा नाइट सर्वे
नदीगांव ब्लॉक के बाबली और बहिबलपुरवा, जालौन ब्लॉक के खंडेराव और हिरदेशाह, छिरिया सलेमपुर के अंतर्गत खर्रा और औरेखी, महेबा (बाबई) ब्लॉक के मुसमरिया और चुर्खी, कुठौंद ब्लॉक के कुठौंद और ईटों, डकोर ब्लॉक में नट मोहल्ला और कुसमिलिया, माधौगढ़ ब्लॉक में सरावन और हरौली, कदौरा ब्लॉक में अकबरपुर और इटौरा, रामपुरा ब्लॉक में लिटावली (लिड़ऊपुर) व बहादुरपुर, पिंडारी (कोंच ब्लॉक) में एट और पिंडारी, कालपी नगरीय क्षेत्र में उदनपुरा और इंदिरानगर, कोंच नगर में गांधीनगर और जवाहरनगर, उरई में कांशीराम कॉलोनी और मेडिकल कॉलेज क्षेत्र चयनित किया गया है।
