संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। महानगर में एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रियों को ले जाने के लिए वातानुकूलित सिटी बसों का संचालन किया जाता है। ऐसे में 25 सिटी बसों से रोजाना तीन हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। लेकिन सवारियों की संख्या पर्याप्त होने के बाद भी सिटी बस संचालकों को तीन लाख रुपये प्रतिमाह राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसे में अफसरों का मानना है कि परिचालक यात्रियों से पैसा तो ले लेते हैं लेकिन इसके बाद भी उनको टिकट नहीं देते हैं। यात्रियों ने कई बार इसकी शिकायत की है लेकिन परिचालकों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण इन पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। ऐसे में अब परिचालकों की निगरानी सिटी बसों में लगे कैमरों से की जाएगी। जिस भी बस का लोड फैक्टर कम आएगा। उसको कैमरों की रिकॉर्डिंग में देखा जाएगा कितने यात्री किस स्टॉपेज से चढ़े और किस स्टॉपेज से उतरे हैं। इसके बाद परिचालक की ईटीएम मशीन से मिलान किया जाएगा। टिकटों में हेरफेर होने पर परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, स्मार्ट सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की सीईओ संतोष कुमार के मुताबिक निगरानी के लिए कमांड सेंटर बनाया गया है।
