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बांदा। लाइसेंस मिला नहीं करोड़ों के पटाखे डंप कर लिए। जिले में किसी भी पटाखा विक्रेता के पास लाइसेंस नहीं है। ऐसे में स्थायी व अस्थाई पटाखा व्यवसायी चोरी छुपे दिल्ली, कानपुर से ट्रैवल्स की बसों व ट्रांसपोर्ट और ट्रेन की एसएलआर बोगियों के जरिए पटाखे ला रहे हैं।

जिले में पटाखा विक्रेताओं ने पटाखों का भारी भरकम स्टाॅक शुरू कर दिया है। बताते ही कि ट्रेन में बुक करके या रोडवेज बस से पटाखा लाने में ज्यादा खतरा होने से व्यापारी ट्रैवल्स व ट्रांसपोर्ट के जरिए दिल्ली, कानपुर से चाइनीज पटाखों को यहां ला रहे हैं। कुछ व्यापारी ट्रेनों में लगने वाले एसएलआर बोगी के जरिए भी चोरी छिपे पटाखे ला रहे हैं।

बताते हैं कि रेलवे इन बोगियों को ठेके पर उठा देता है। व्यापारी ठेकेदार से साठगांठ करके बिना बुक कराए ही माल यहां ले आते हैं। सूत्रों की माने तो पिछले दो दिनों में एक करोड़ से अधिक के तेज आवाज के पटाखे जिले में लाए गए हैं। इनमें ऐसे भी पटाखे हैं, जिन्हें बेचा गया तो उनके जलने से आने वाली तेज आवाज से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। जानकारों ने बताया कि 25 से लेकर 100 प्रति पीस वाले ऐसे बम हैं, जिनकी आवाज से जर्जर दीवारें भी गिर सकती हैं।

हर साल प्रशासन तेज आवाज के पटाखों के बिकने व छुटाने में रोक के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन कोई ऐसा साल नहीं निकला जिसमें तेज आवाज के पटाखे बिके और छूटे न हों।

-अभी कोई ऐसी शिकायत नहीं मिली है। लाइसेंस मिलने के बाद ही पटाखों की बिक्री करने की अनुमति है। मानक विहीन पटाखे और बिना लाइसेंस के आतिशबाजी बिक्री पायी जाती है तो सख्त कार्रवाई होगी।

-विजय शंकर तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट



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