बांदा। चालीस दिन के लंबे इंतजार के बाद क्रय केंद्रों में बाजरा की खरीद हुई। बबेरू के क्रय केंद्र में 23.50 क्विंटल बाजरा खरीदा गया। श्रीअन्न योजना के तहत मोटे अनाज की खरीद के लिए पहली अक्तूबर को जिले में ज्वार-बाजरा की खरीद के लिए 18 क्रय केंद्र खोले गए थे।
कृषि विभाग के अनुसार जनपद में 21 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में ज्वार, बाजरा बुआई होने के आंकड़े शासन में प्रेषित किए गए थे। जिसके चलते शासन के आदेश पर विपणन विभाग ने जनपद में क्रय केंद्र खोले गए थे, लेकिन एक माह का लंबा समय बीतने के बाद क्रय केंद्रों में ज्वार, बाजरा बिकने नहीं आया।
इधर, 40 दिन बाद बबेरू के क्रय केंद्र से बाजरा खरीद की शुरूआत हो गई है। लंबे इंतजार के बाद 23.50 क्विंटल बाजरा खरीदे जाने से अधिकारियों ने राहत महसूस की है। प्रभारी जिला विपणन अधिकारी शमीर सिंह का कहना है कि मोटे अनाज की बोहनी हो गई है। उम्मीद है कि अन्य केंद्रों में भी जल्द ज्वार, बाजरा बिकने के लिए आएगा। कई किसानों से संपर्क किया गया है।
ज्वार, बाजरा क्रय केंद्रों में 40 दिन बीत जाने के बाद भी इनके बिकने न आने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। विपणन विभाग का कहना था कि कृषि विभाग ने शासन को गलत आंकड़े दिए हैं।
जनपद में पहली नवंबर से धान की खरीद भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए शासन के आदेश पर जनपद में 44 क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन नौ दिन बीत जाने के बाद भी धान क्रय केंद्रों की अभी बोहनी तक नहीं हुई। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद का कहना है कि धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है।
