बांदा। दीपावली पर्व में घर को रोशनी से जगमग करने में एक परिवार की खुशियों को ग्रहण लग गया। बिजली की झालर लगाते समय छत के पास से गुजरी 11 हजार बिजली लाइन के करंट से प्रतियोगी छात्र की झुलसकर मौत हो गई। हादसे में उसे बचाने पहुंचा जीजा भी गंभीर झुलस गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के ज्योति नगर निवासी सत्यम (18) रविवार को सुबह दीपावली पर्व में घर को रोशनी से जगमग करने के लिए बिजली की झालर लगा रहा था। पड़ोसी फौजी विजय पाल सिंह के घर में भी वह झालर लगाने के लिए छत में चढ़ गया। फौजी के घर की छत से करीब एक फीट की दूरी से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजरी है। झालर लगाते समय खुले तारों में बह रहे करंट ने सत्यम को अपनी ओर खींच लिया। जिससे झुलसकर उसकी मौत हो गई।
हादसा होते देख सत्यम के बहनोई जसपुरा थाना क्षेत्र के गड़रिया गांव निवासी दीपक (24) उसे बचाने के लिए छत में गया और उसे पकड़कर खींचा तो वह भी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल दीपक ने बताया कि वह कार कंपनी में टेक्निशियन पोस्ट में तैनात हैं। वह अपनी ससुराल में रहते हैं। हादसे में घर में भी शार्ट सर्किट हो जाने से घर में आई मेन लाइन में आग लग गई थी। जिसे बिजली कर्मियों को फोन करके सप्लाई बंद कराई थी।
सत्यम के पिता पन्नी लाल विश्वकर्मा ने बताया कि वह डीआईओएस कार्यालय में लिपिक पद पर तैनात हैं। उनका पैतृक गांव तिंदवारी थाना क्षेत्र के पिपरगवां गांव में है। वह शनिवार को अपने गांव चले गए थे। सत्यम कानपुर में रहकर आईआईटी की तैयारी कर रहा था। इस वर्ष उसने सेंट मेरीज सीनियर सेकेंड्री स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की थी। सत्यम कानपुर से शुक्रवार को त्योहार मनाने घर आया था। इतना बताकर वह फफक पड़े। दो भाइयों व चार बहनों में वह छोटा था। बड़ा भाई सत्यप्रकाश भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। घर में मां आशा देवी हैं। शहर कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि 11 हजार बिजली लाइन के करंट से मौत होना बताया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मोर्चरी हाउस में शिक्षा विभाग के सभी लिपिक व प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
