ना क्षेत्रों में महिला समेत चार लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी। यह चारों घटनाएं कालिजंर, मरका, चिल्ला व बिसंडा थाना क्षेत्र में हुईं। दीपावली में चार घरों में मातम छाया रहा। कालिंजर थाना क्षेत्र की घटना में शराब के नशे में युवक ने घर में उत्पात मचाकर फंदा लगाया जबकि मरका थाना क्षेत्र की घटना में महिला ने दिमागी संतुलन सही न होने पर फंदा लगाया। इस घटना में उसके भाई ने सौतेले पुत्र व जीजा पर मारपीट कर फंदा लगाने का आरोप लगाया है। चौथी घटना में मां के निधन से व्यथित होकर युवक ने फंदा लगाया।
नरैनी। सढ़ा चौकी क्षेत्र के रक्सी गांव निवासी रामकिशुन (27) दिवाली की रात गांव में शराब के नशे में उत्पात मचा रहा था। घर पहुंचने के बाद पिता मुन्नीलाल से अभद्रता की और पत्नी प्रेमा के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद घर की बिजली का तार तोड़ दिया। जिससे पूरे घर की लाइट गुल हो गई। उसने कमरे के अंदर जाकर पंखे में साफी से फंदा लगा लिया। पिता मुन्नी लाल ने पुलिस को बताया कि रामकिशुन शराब के नशे में था आए दिन विवाद करता था। सढा चौकी इंचार्ज मणि शंकर मिश्रा ने बताया कि इसने शराब के नशे में फंदा लगाकर खुदकुशी की है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
बबेरू। मरका थाना क्षेत्र के काजी टोला के मजरा कल्ला का डेरा गांव निवासी गीता देवी (42) ने दिवाली की रात घर के अंदर खपरैल की धन्नी से साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। पति सुरेंद्र निषाद ने बताया कि कुछ महीनों से उसका दिमागी संतुलन सही नहीं रहता था।
इसी के चलते उसने फंदा लगाया है। उधर, मायके पक्ष बाकल गांव से आए भाई पीतांबर निषाद ने बताया कि उसके बहनोई सुरेंद्र निषाद राजमिस्त्री हैं। सुरेंद्र की यह दूसरी पत्नी थी। उसके चार पुत्र एक पुत्री है। सुरेंद्र की पहली पत्नी से भी एक पुत्र एक पुत्री है। सुरेंद्र के घर में उसकी पहली पत्नी के पुत्र आया-जाया करते थे। जिस पर गीता एतराज जताती थी।
इसी के चलते उसके बहनोई व उसके पुत्र ने उसकी बहन के साथ मारपीट कर शव को फंदे से लटका दिया है। मरका थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। मायके पक्ष के लोग आरोप लगा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है।
मां की मौत से दुखी युवक ने की आत्महत्या
बांदा। चिल्ला थाना क्षेत्र के महेंदू गांव निवासी मनोज कुशवाहा (28) ने परेवा के दिन अपने दूसरे मकान के बरामदे में लगी बल्ली से मवेशी की रस्सी से फंदा लगा लिया। घटना के कुछ देर बाद उसका ममेरा भाई जगतपाल खाना खाने के लिए बुलाने गया तो उसे फंदे से लटका पाया। गांव में रिश्ते के चाचा बूदी कुशवाहा ने बताया कि मनोज की मां मैकी का दो माह पहले बीमारी से निधन हो गया था। मां के निधन से वह परेशान रहने लगा था। वह अपने दूसरे मकान में अकेले सोता था। चिल्ला थानाध्यक्ष मोनी निषाद ने बताया प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। परिजन मां के निधन के बाद से डिप्रेशन में रहने की बात कह रहे हैं।
बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र के हरदिया थोक ओरन निवासी राकेश पांडेय (35) ने मंगलवार को सुबह अपने कमरे में छत के छल्ले से साड़ी से फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद परिजनों ने उसे फंदे से लटका देखा तो जानकारी हो सकी। चचेरे भाई नरेंद्र ने बताया कि छह माह पहले राकेश की पत्नी निराशा ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसी के चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। बिसंडा थाना इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ल ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद से परिजन मानसिक तनाव में रहने की बात कह रहे हैं।
