– दो मौतों से परिवार में मचा कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रोटावेटर की चपेट में आने से घायल हुए बच्चे की मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि, इससे पहले हादसे के लिए जिम्मेदार ताऊ ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। दो मौतों से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
महोबा के महोबकंठ थाना इलाके के ग्राम रिवई निवासी अशोक अहिरवार खेतीबाड़ी कर परिवार का जीवन-यापन करते थे। अशोक 28 अक्तूबर को खेत पर रोटावेटर चला रहे थे। उनकी पत्नी देवकी और आठ साल का भतीजा रमाशंकर उर्फ भोला खेत की मेड़ पर बैठे थे। अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह मेड़ पर आ गया था। इससे भोला रोटावेटर में फंस गया। उसे बचाने में ताई देवकी भी घायल हो गई थी। हादसे में भोला के सिर में गंभीर चोट आई थी, जबकि ताई के पैर में चोट थी। जानकारी होने पर परिजन आनन-फानन दोनों को महोबकंठ अस्पताल ले गए थे। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। वहीं, हादसे का ताऊ अशोक को गहरा सदमा लगा था। परिजन जब घायलों को अस्पताल लेकर गए थे, तब अशोक खेत पर ही बना रहा था। इसके बाद उसने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। वहीं, मंगलवार को भोला की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।
बता दें कि बालक भोला कक्षा दो में पढ़ता था। उसके पिता महेंद्र अहिरवार की 2015 में मौत हो गई थी। दो भाइयों में भोला छोटा था, उससे बड़ा भाई विक्की भी पढ़ता है। पिता की मौत के बाद ताऊ ही उसकी देखभाल करते थे। वहीं, अशोक के एक बेटा व दो बेटियां हैं। परिवार में एक के बाद एक हुईं दो मौतों से कोहराम मचा है।
