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– चौपाल हो या चाय-पान की दुकान, सभी जगह सियासत की चर्चा

झांसी। मध्य प्रदेश में चुनाव की सरगर्मियां चरम पर हैं। इसकी हलचल मध्य प्रदेश की सीमा से सटे झांसी जनपद के इलाकों में भी देखने को मिल रही है। गांव की चौपाल हो या सड़क किनारे की चाय-पान की दुकानें, सभी जगह चुनावी गुणा-गणित फिजाओं में तैर रही है। खास बात यह है कि मुद्दों से शुरू हुआ चुनाव अब जातिगत आंकड़ों पर पहुंचकर ठहर गया है। किस जाति के कितने वोट हैं और ये किस प्रत्याशी के खाते में जाएंगे इन पर ज्यादा जोर है। इन्हीं सीमाई क्षेत्रों का हाल-चाल जानने निकले विकास सनाड्य की रिपोर्ट…

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा के चिरुला गांव की सीमा झांसी के ग्राम अंबावाय से सटी है। हाईवे पर एक चाय की दुकान है, जिस पर लोगों का दिन भर जमघट लगा रहता है। दुकान पर चाय तो कम बिकती है, लेकिन चुनावी चर्चा खूब होती है। इन चर्चाओं में यूपी और एमपी दोनों राज्यों के शामिल होते हैं। दुकान पर बैठे चिरुला के भगवान दास दुबे भाजपा की तरफदारी करते नजर आए। वे बोले… भाजपा में सबईं अच्छो चल रओ है, किसानन को खूब पानी मिल रओ, औरतन के खाते में 1200-1200 रुपइया सरकार ने भेज दये और का चाने। उनकी बात को बीच में काटते हुए अंबावाय के देवीदीन माते कहते हैं … कछु अच्छो नईं है, सबई नेता अपनी-अपनी जेबें भर रये, सरकार काम तो दे नईं रई, 1200-1200 रुपइया दे रई है, वो भी चुनाव आ गए सो। छोटी करारी के लाखन यादव भी देवीदीन की बात का समर्थन करते नजर आए। लाखन बोले सरकार को तो कांग्रेस ने पहले ही बना लई थी, वो तो भाजपा ने गिरा दई थी, अब जा बेर भी कांग्रेस की ही सरकार बनी रई है। इस पर मंशाराम मिश्रा बोले, कांग्रेस को हल्ला ही है और कछु नइयां, सरकार शिवराजई बना रये। भाजपा में गुंडयाई नहीं हो रही, जा से सबईं खुश हैं। वहीं, चिरुआ के हरचरन पाल दतिया विधानसभा के जातिगत आंकड़े बताते नजर आए और अपनी ढंग से भाजपा व कांग्रेस की जीत-हार के दावे करने लगे। इस सभी लोग जातियों के आंकड़ों पर चर्चा करने लगे। किस जाति के लोग किसी प्रत्याशी को वोट दे रहे हैं, चर्चा इस पर आकर ठहर गई।

टक्कर कांग्रेस और भाजपा में ही है। दोनों दल पूरी ताकत लगाए हुए हैं, जिसके चलते जीत-हार बेहद कम वोटों के अंतर से होगी। इसे लेकर अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है।

– हरचरण दुबे

मतदाताओं ने चुप्पी साध रखी है। वे अभी खुलकर कुछ भी नहीं बोल रहे है। ऐसे में जीत-हार को लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। कांग्रेस और भाजपा में मुकाबला एकदम कांटे का है।

– नरेंद्र तिवारी,

पिछले चुनाव में छोटी करारी से कांग्रेस को अच्छा वोट मिला था। लेकिन, इस बार गांव के लोगों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। जिस पार्टी के लोग प्रचार करने आते हैं, सब उनके साथ हो लेते हैं।

– भगवान सिंह

पहली बार हमें वोट डालने का मौका मिला है। घर के सभी सदस्य जिसे वोट देंगे, उसे ही हम दे देंगे। घर वाले भी अभी यह तय नहीं कर पाए हैं कि वोट किसे देना है।

– अनुष्का यादव

सीमावर्ती विधानसभाएं

निवाड़ी

दतिया

टीकमगढ़

करैरा

छतरपुर

भांडेर



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