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चित्रकूट। नगर निकाय चुनाव में जिले में पहली बार भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली है। एक साथ चार में से तीन सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत का परचम फहराया। इस पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया। हालांकि मानिकपुर नगर पंचायत सीट पर भाजपा प्रत्याशी बिटटी कोल को निर्दलीय रानी देवी ने हरा दिया।

नगर निकाय के चुनाव में नगर पालिका चित्रकूट धाम कर्वी से भाजपा के प्रत्याशी नरेंद्र गुप्ता विजयी हुए हैं। पहली बार नगर पंचायत बनी मऊ में भाजपा प्रत्याशी अमित द्विवेदी, राजापुर नगर पंचायत सीट से भाजपा के संजीव द्विवेदी ने जीत हासिल की। मानिकपुर अध्यक्ष पद की सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां निर्दलीय रानी देवी ने बाजी मार ली। इस तरह से जिले की एक नगर पालिका व दो नगर पंचायत सीट में भाजपा को कामयाबी मिली है। जिले के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि भाजपा को तीन सीटें मिली हैं।

बगावती तेवर भी नहीं रोक सके विजय का रथ

चित्रकूट। जिले में नगर निकाय के चुनाव में सबसे ज्यादा बगावती स्वर भाजपा में ही उभरे थे, लेकिन इनके तेवर भी भाजपा का विजय रथ नहीं रोक सके। इसके पहले हुए चुनाव में इतनी बड़ी कामयाबी भाजपा को नहीं मिली। पिछले चुनाव में चित्रकूटधाम कर्वी की सीट सपा के नरेंद्र गुप्ता, राजापुर नगर पंचायत में आदर्श मनोज द्विवेदी और मानिकपुर सीट पर विनोद द्विवेदी निर्दलीय जीते थे। हालांकि तीनों बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। इस चुनाव में राजापुर और मानिकपुर में भाजपा में बगावत रही। पहले के जीते प्रत्याशियों के मनमाफिक टिकट नहीं मिले तो उन्होंने बगावत भी की। इसी प्रकार चित्रकूट कर्वी की सीट पर भी कई भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बगावत कर नरेंद्र गुप्ता का विरोध किया। ऐसे लोगों पर पार्टी ने नियमानुसार कार्रवाई भी की। बगावती सुर वालों के प्रयास किसी भी तरह सफल नहीं हो पाए और अंत में भाजपा ने जिले में नया रिकार्ड बना दिया।

सपा व बसपा को नहीं मिली कामयाबी

समाजवादी पार्टी व बसपा पार्टी इस बार आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। जिले एक नगर पालिका व तीन नगर पंचायत सीटों में एक में भी कामयाबी नहीं मिली, जिससे कार्यकर्ता निराश दिखे। 2017 के नगर निकाय के चुनाव में नगर पालिका चित्रकूटधाम परिषद से सपा को कामयाबी मिली थी। इस बार वह यहां पर दूसरे नंबर रही। यहां यह उल्लेखनीय है कि सपा से वर्तमान भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र गुप्ता ही सपा के प्रत्याशी थे और वह जीते थे। जीतने के एक साल बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। सपा व बसपा को राजापुर, मऊ व मानिकपुर सीट में भी कामयाबी नहीं मिली। इन सीटों में उनके प्रत्याशी दूसरे नबंर पर भी नहीं रहे। जब कि इन दलों के जिलाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों द्वारा दावा किया जाता रहा कि सपा व बसपा की ही जीत होगी।

इनसेट…

कांग्रेस का सबसे निराशाजनक प्रदर्शन

जिले की चारों सीटों पर कांग्रेस ने प्रत्याशी खड़े किए थे, लेकिन किसी में भी उनके प्रत्याशी का प्रदर्शन संतोषजनक भी नहीं रहा। हर जगह तीसरे व चौथे स्थान प्रत्याशी संघर्ष करते दिखे। संवाद



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