संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 15 Nov 2023 10:57 PM IST
बांदा। मेडिकल कॉलेज से आठ दिन पहले गायब हुई महिला की मौत मामले में कॉलेज में ऑन ड्यूटी रहे स्टाफ पर तलवार लटक गई है। प्रशासन स्तर पर लापरवाही को देखते हुए जांच की जा रही थी। गुरुवार को यह जांच पूरी कर डीएम को सौंपी जा सकती है। महिला का वार्ड से अकेले निकलना और फिर 29 घंटे तक उसकी कोई जानकारी नहीं होने में स्टाफ की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। हालांकि जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 40 वर्षीय महिला को प्रसव के लिए उसके परिजनों ने रानी दुूर्गावती मेडिकल कॉलेज में तीन नवंबर को भर्ती कराया था। इसी दिन शाम के समय उसने एक बेटी को जन्म दिया था। बेटी को जन्म देने के बाद उसे महिला वार्ड में भर्ती किया गया था। सात नवंबर को अचानक उसकी हालत बिगड़ने ब्लड प्रेशर की शिकायत होने पर उसे फिर महिला इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया था। यहां से महिला आठ नवंबर को सुबह 5:42 बजे गेट से निकल गई थी। नौ नवंबर को महिला का शव शल्य विभाग की बिल्डिंग में एसएनसीयू वार्ड के पीछे झाड़ियों में मिला था।मामले में प्रशासन स्तर पर एडीएम न्यायिक अमिताभ सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई गई। सूत्रों की मानें तो कई बिंदुओं में महिला गायब होने में लापरवाही निकलकर सामने आ रही है। हालांकि अभी इस पर कोई खुलासा नहीं किया है। इसमें सीएमओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव और एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र भी शामिल थे। एडीएम न्यायिक ने बताया कि जांच लगभग पूरी हो गई है। गुरुवार को अंतिम रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंप दी जाएगी।
