बांदा। गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में आटा चक्की के अंदर अनुसूचित जाति की महिला का सिर, बाई हथेली व अर्धनग्न लहूलुहान धड़ से अलग मिले शव के मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न किए जाने से नाराज परिजनों ने बसपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री दद्दू प्रसाद के साथ शुक्रवार को एसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया।
परिजनों ने मांग की कि घटना की विवेचना सीओ नरैनी से न कराकर किसी और सीओ से कराई जाए। महिला की मौत पर मुआवजा दिया जाए। आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में 31 अक्तूबर को आटा चक्की के अंदर अनुसूचित जाति की महिला का सिर, बाई हथेली व अर्धनग्न लहूलुहान हालत में शव पड़ा मिला था।
पुलिस ने अपनी प्राथमिक जांच में चक्की के पट्टे से फंसकर मौत होना बताया था। हालांकि बाद में परिजनों के आरोप लगाने पर गांव के दो भाइयों चक्की मालिक राजकुमार शुक्ला उसके भाई बउवा शुक्ला व रामकृष्ण शुक्ला के खिलाफ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तब से इस घटना की विवेचना की जा रही थी। इस घटना में स्टेट मेडिको लीगल रिपोर्ट में हादसे से मौत की बात सामने आई थी। दुष्कर्म की पुष्टि भी नहीं हुई थी।
इस मामले में आक्रोशित परिजनों ने शुक्रवार को बसपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री दददू प्रसाद की अगुवाई में एसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरना सुबह से दोपहर तीन बजे तक चला। परिजनों ने डीएम व एसपी को संबोधित पत्र में मांग की कि हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। इस घटना की विवेचना नरैनी सीओ से न कराकर किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराई जाए। परिजनों ने सीबीआई जांच की भी मांग की। पत्र में उन्होंने महिला की मौत पर मुआवजा दिए जाने की मांग की है। इस दौरान सीओ सिटी गवेंद्र पाल गौतम, गिरवां इंस्पेक्टर संदीप तिवारी समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इस घटना की विवेचना किसी अन्य सर्किल के सीओ से कराई जाएगी। परिजनों का धरना सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक चला।
