– ढाई महीने पहले मजदूरी के लिए ले जाया गया था महाराष्ट्र
अमर उजाला ब्यूरो
सकरार। कर्नाटक में बंधक बनाए गए झांसी के 70 मजदूरों को शनिवार को मुक्त करा लिया गया। कर्नाटक पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मजदूर ठेकेदारों के चंगुल से छूट पाए। उन्हें मजदूरी के लिए महाराष्ट्र ले जाया गया था और वहां से कर्नाटक भेज दिया गया था। अब वे ढाई महीने बाद रविवार को झांसी के लिए चलेंगे।
झांसी के आदिवासी बस्ती के 70 मजदूरों को ढाई महीने पहले मजदूरी के लिए महाराष्ट्र ले जाया गया था। महिला श्रमिकों के साथ उनके दूधमुंहे बच्चे भी वहां गए थे। महाराष्ट्र में दो महीने रखकर सभी मजदूरों को पंद्रह दिन पहले कर्नाटक के जिला बेलगाम के गांव हुकेरी ले जाया गया था। यहां उन्हें अस्पताल परिसर में रखा गया था। दिन भर काम लेने के बाद भी ठेकेदार उन्हें मजदूरी नहीं दे रहे थे। उनके खाने-पीने का इंतजाम भी नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा ठेकेदार किसी को वापस भी नहीं आने दे रहे थे। मुश्किल से ठेकेदारों के चंगुल से बचकर निकले श्रमिक नसीब खां ने यहां पहुंचकर शुक्रवार को जिला प्रशासन को आपबीती बताई थी। प्रशासन ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी।
मामले की जानकारी होने पर पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता प्रदीप जैन शनिवार की सुबह सकरार में श्रमिकों के परिजनों के बीच पहुंच गए। यहां से उन्होंने कर्नाटक के बेलगाम जिले के एसपी भीमाशंकर व स्थानीय विधायक गणेशन से घटना को लेकर चर्चा की। इसके बाद स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस बंधकों को मुक्त कराकर थाने ले आई। श्रमिकों के सोमवार को झांसी लौटने की संभावना जताई जा रही है।
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18 घंटे लिया जा रहा था काम
झांसी। ठेकेदारों के चंगुल से निकलकर शनिवार को एक और श्रमिक बालकिशन झांसी पहुंचा। उसने बताया कि कर्नाटक में बंधक बनाए मजदूरों से सुबह चार से लेकर रात 10 बजे तक काम कराया जा रहा है। किसी को मजदूरी नहीं दी जा रही है। आधा पेट ही खाना दिया जा रहा है। बालकिशन ने बताया कि वह रात में चुपके से निकला था। इसके बाद कई किमी पैदल चलने के बाद गन्ने के एक खेत में पहुंचकर छुप गया था। ठेकेदारों ने उसे ढूंढ़ना बंद कर दिया होगा, इसकी तसल्ली होने पर वह ट्रेन में बैठकर झांसी भाग आया।
कई मजदूरों ने ले रखा है एडवांस
झांसी। कर्नाटक में पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि कई मजदूरों ने ठेकेदारों से एडवांस पैसा ले रखा था। मजदूरों से तय हुआ था कि उन्हें 400 रुपये प्रतिदिन पारिश्रमिक दिया जाएगा। इसके अलावा उनके रहने व खाने का भी बंदोबस्त किया जाएगा। यहां से ले जाते समय ठेकेदार ने मजदूरों को बताया था कि वह उन्हें इंदौर ले जा रहा है, लेेकिन ले गया महाराष्ट्र और वहां से कर्नाटक पहुंचा दिया। इस मामले में कर्नाटक पुलिस ने ठेकेदारों से भी पूछताछ की। मजदूरों को ले जाने में बबीना के भी एक ठेेकेदार की भूमिका सामने आई है।
