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ललितपुर। उच्चारणाचार्य विनम्र सागर महाराज ने कहा कि अहंकार से कभी जीवन में सफलता नहीं मिलती है। उन्होंने श्रावकों को अज्ञान से बचने और गुरु संगति का सूत्र दिया। वह शुक्रवार को अभिनंदनोदय तीर्थ में कल्पद्रुम महामंडल 25 समवशरण विधान और विश्वशांति महायज्ञ को संबोधित कर रहे थे।

आचार्यश्री ने कहा कि प्रभु की भक्ति और श्रद्धा से व्यक्ति अपना जीवन संवारता है। जीवन में संयम धारण करने की कोई उम्र नहीं होती। प्रभु के दर्शन और गुणानुवाद कर हमें ऐसी भक्ति करनी चाहिए। इससे वह भक्ति जीवन में मुक्ति का कारण बने। सुबह नित्यमह पूजन और शांतिधारा पुर्ण्याजक परिवार ने की। प्रतिष्ठाचार्य पं. पवन जैन शास्त्री दीवान एवं सहयोगी पं. संतोष जैन अमृत ने विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न कराईं।

इंद्रसभा में चक्रवर्ती आनंद जैन प्रियंका जैन भावनगर, सौधर्म इंद्र अशोक जैन सुमन जैन, धनपति कुबेर महेश जैन लवी जैन, महामहिम वैभव-वैशाली सराफ, शुभम साक्षी जैन, महायज्ञनायक मनोज जैन-मानसी जैन, ईशान इंद्र अंशुल सराफ, महामंडलेश्वर राजीव जैन नमिता जैन, सानत इंद्र कपूरचंद, महेंद्र धन्य कुमार जैन ने आचार्यश्री के सम्मुख जिज्ञासाओं को रखा। इस दौरान श्रावकों को आचार्यश्री ने धर्म का मर्म समझाया।

शाम को महाआरती में श्रद्धालु जमकर झूमे। इस मौके पर जैन पंचायत के पदाधिकारी अनिल जैन अंचल, डॉ. अक्षय टडैया, आकाश जैन, सनत जैन, सौरभ जैन, मनोज जैन, मोदी पंकज जैन, राजेंद्र जैन, संजीव जैन, अशोक दैलवारा, अक्षय अलया, कैप्टन राजकुमार जैन, पुल्ली सराफ, अनीता मोदी मौजूद रहे।

दीक्षार्थियों की हुई गोदभराई

उच्चारणाचार्य विनम्र सागर महाराज द्वारा अभिनंदनोदय तीर्थ पर 26 नवंबर को मध्याह्न में भव्य जैनेश्वरी दीक्षा लेने वाले दीक्षार्थी ब्रह्मचारी पवन जैन एवं सुकुमाल पाटनी की मेंहदी व गोदभराई संपन्न हुई। इसमें श्रावकों ने दीक्षार्थियों के पुण्य की अनुमोदना की।



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