चित्रकूट। सदर ब्लाक कार्यालय के मुख्य गेट के चैनल पर डिलौरा गांव में तैनात सफाई कर्मी फंदे पर झूल गया। जब आसपास के राहगीरों ने देखा तो मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। परिजनों का आरोप है कि छह माह से वेतन न मिलने के कारण सुसाइड किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शुक्रवार को अवकाश के चलते सरकारी कार्यालय बंद थे। सदर ब्लाक कार्यालय भी बंद था। जिसका मैन गेट चैनल का बना हुआ जो बंद है। इसी के सहारे डिलौरा गांव में तैनात सफाई कर्मचारी राजू वाल्मीकि (40) पुत्र सुंदर वाल्मीकि का शव सदर ब्लाक के गेट मेें फंंदे से लटका मिला।
कार्यालय के आसपास से निकलने वाले राहगीरों ने जब देखा तो दंग रह गए। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों दी। मौके पर कोतवाल अजीत पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। मृतक के दामाद दिनेश कुमार जो शहर के डाक बंगले में सफाई कर्मचारी पद पर तैनात थे। बताया कि छह माह से वेतन न मिलने से राजू परेशान था। जिसके लिए वह हस्ताक्षर कराने के लिए ब्लाक कार्यालय गए थे। मृतक की मां सुमित्रा, चार पुत्रियां प्रियंका, अर्चना, मोना, आरती व पुत्र मुकेश है।
चित्रकूट। घटना स्थल पर मौजूद सदर ब्लाक की बीडीओ आस्था पांडेय ने बताया कि मृतक सफाई कर्मी आए दिन कार्यालय में आ जाता था, जो नशे में हंगामा करता था। वहीं सफाई कर्मचारी के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक सफाई कर्मी ने वेतन न मिलने की उनके एक बार भी शिकायत नहीं की। नशा करने का आदी भी था। परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग को लेकर अधिकारियों से मिलेंगे।
चित्रकूट। जिला पंचायत अधिकारी कुमार अमरेंद्र ने बताया कि मृतक सफाई कर्मी राजू वाल्मीकि बताया कि उसका कोई बकाया वेतन नहीं है। अज्ञात कारण के चलते खुदकुशी की है इसके बारे में परिजन बता सकते हैं।
