उरई। अर्थिंग केबल लगाएं तो शार्ट सर्किट जैसी समस्या से आगजनी जैसी घटनाओं की आशंकाएं 99 फीसदी तक घट जाती हैं। यह कहना है बिजली अभियंताओं और इससे जुड़े विशेषज्ञों का। उनका कहना है कि अर्थिंग केबल से आकाशीय बिजली गिरने पर भी काफी सुरक्षा रहती है।
इटावा में गल्ला मंडी में आगजनी की घटना में कई दुकानें जल गईं। इसका कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। जालौन जिले में भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें घर व दुकानों और बड़े प्रतिष्ठानों में आगजनी की घटना का यह कारण सामने आता रहा है। ऐसे में जरूरी है कि शार्ट सर्किट से कैसे सावधान रह सकें, यह जानना जरूरी है। इसको लेकर जेई सुमित साहू से बातचीत की तो उन्होंने शार्ट सर्किट की बड़ी वजह अर्थिंग तार का प्रयोग नहीं किया जाना बताया। इस लाइन को जमीन से जोड़ा जाता है और हर इलेक्ट्रानिक बोर्ड में इसे कनेक्ट किया जाता है। इस स्थिति में जब भी पुराने तार या वोल्टेज कम ज्यादा और फॉल्ट होने की स्थिति में शार्ट सर्किट होगा तो अर्थिंग तार होने से खतरा टल जाएगा। इसके अलावा अनुभवी मिस्त्रियों से लाइन की फिटिंग कराने की भी सलाह दी गई।
इसलिए होता है शॉर्ट सर्किट
– केबल में कट होना।
– केबल पर अधिक लोड होना।
– केबल के अंदर के बारीक तार कमजोर होना।
– बोर्ड खराब होने के बाद भी नहीं बदलना।
जानें सावधानियां
– इलेक्ट्रानिक सॉकेट में मल्टीपल्ग लगाकर कई उपकरण नहीं चलाने चाहिए
– ज्यादा पुरानी केबल को बदलकर अच्छी क्वालिटी इस्तेमाल करें
– क्षमता से अधिक लोड एक केबल से नहीं चलाएं, अलग से केबल डालें
– फ्यूज बायर लगाकर कार्य करें,जर्जर तारों को समय पर बदलें
– पानी से स्विच को सुरक्षित रखें। अच्छी क्वालिटी के स्विच लगाएं
