ललितपुर। जिला अस्पताल में बने हार्ट सेंटर का दम फूल रहा है। यहां हृदय रोगियों के उपचार के लिए लगाई गई ईको मशीन खराब पड़ी है, तो वहीं वेंटीलेटर भी बेदम हो गए हैं। इनसे ऑक्सीजन भी मरीजाें को ठीक से नहीं मिल पाती है। ऐसे में हृदय रोगियों को उपचार के लिए ग्वालियर, झांसी और भोपाल जाना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन भी केंद्र में अव्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं करा रहा है।
जिला अस्पताल में बनी गहन हृदय चिकित्सा इकाई में हृदय रोगियों का इलाज किया जाता है। यहां पर मरीजों की सुविधा के लिए वेंटीलेटर, वॉल्ब और हृदय संबंधी जांचों के लिए ईको मशीन लगी है। मगर दो महीने से ईकाे मशीन खराब पड़ी हुई है। आलम यह है कि मशीन की एक केबल पूरी तरह जर्जर हो गई है। वहीं केंद्र पर रखे छह वेंटीलेटर का हाल भी बदहाल है। इनमें से पूरी तरह मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऐसे में मरीजों को सामान्य उपचार तक ही मिल पा रहा है।
एडी जता चुके नाराजगी
दो सप्ताह पूर्व अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आरके सोनी ने सीएमओ सभागार में बैठक कर केंद्र की इन दिक्कतों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और दो सप्ताह में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अव्यवस्थाएं जस की तस हैं।
सर्दी में बढ़ेगी समस्या
सर्दी में बीपी के मरीज बढ़ने लगते हैं। आंकड़ों के अनुसार सामान्य दिनों में 30 से 35 मरीज ब्लड प्रेशर के आते हैं। तो सर्दी बढ़ते ही संख्या डेढ़ गुना हो जाती है। इस दौरान रोज 50 से 60 मरीज आते हैं। इनमें चार से पांच मरीज हृदय रोगी होते हैं, जिनकी ईको जांच कराई जाती है।
जिला अस्पताल परिसर स्थित सीसीयू में ईको मशीन व वेंटीलेटर के सुधार के लिए बजट की मांग के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। जल्द ही वेंटीलेटर व ईको मशीन को ठीक कराया जाएगा।
– डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर
