मडा़वरा। आर्यिका धारणामति माताजी ने कहा कि जैन साधु-साध्वी की शोभा पिच्छिका से ही होती है। पिच्छिका संयम का उपकरण है। वह शुक्रवार को आर्यिका ससंघ के पिच्छिका परिवर्तन समारोह को संबोधित कर रही थीं। समारोह के पूर्व नगर में पिच्छिका की शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान आचार्य विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण ब्र. मनोज जैन ने किया। मुख्य अतिथि सागर के पूर्व विधायक सुनील जैन रहे। इस दौरान आर्यिका धारणामति माताजी की पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य अंजलि-अजित जैन परिवार, आर्यिका मुदितमति माताजी की पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य रचना-रीतेश जैन मिंटू, आर्यिका शास्त्रमति माताजी की पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य आरती-आमोद जैन को प्राप्त हुआ। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. राकेश सिंघई, महामंत्री राजू सौंरया, चेतन जैन मौजूद रहे।
संयम का फल है सिद्धपद : मुनि विनत सागर
बानपुर। अष्टान्हिका महापर्व पर श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नया मंदिर प्रांगण में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान में मुनि विनत सागर, विश्व कुंद सागर के मंगल सानिध्य में श्रावकों ने सिद्ध भगवंतों को अर्घ्य समर्पित किए। शांतिधारा का सौभाग्य रविंद्र कुमार, रिषभ कुमार जैन को मिला। शुक्रवार को श्रावकों ने 256 अर्घ्य मंडप पर समर्पित किए। मुनि विनत सागर ने कहा कि सिद्ध पद संयम का फल है। विधान में प्रतिष्ठाचार्य पंडित महेंद्र कुमार शास्त्री ने अर्चना कराई। वहीं नगर में बाल ब्रह्मचारी दीक्षार्थी पवन भैया बीना एवं सुकुमाल भैया रतलाम की बिनौली यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने उनकी गोद भराई की। दीक्षार्थियों को 26 नवंबर को ललितपुर में आचार्य विन्रम सागर महाराज दीक्षा देंगे। ब्यूरो
विधान में गूंजे जयकारे
ललितपुर-जखौरा। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र सतोदय सीरोन में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक-शांतिधारा की। बाल ब्र. अभिषेक भैया एवं संगीतकार राहुल जैन एंड पार्टी ने विधान संपन्न कराया। इसमें सिद्ध भगवंतों के जयकारे गूंजे। प्रचार मंत्री रवि चुनगी ने बताया कि 27-नवंबर को विधान का समापन होगा। ब्यूरो
