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आटा। फसल में खाद डालने के लिए जब किसान खाद लेने पहुंचे तो लाइन में इंतजार करना पड़ा। जब तक नंबर आया तो खाद खत्म होने की बात कही गई। इसी स्थिति से किसान कई दिनों से जूझ रहे हैं। आटा की बहु-उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति से 27 गांवों के किसान खाद लेते हैं। पिछले दस दिनों से चक्कर लगाकर किसान मायूस लौट रहे हैं। खाद खत्म हुई तो समिति पर शून्य का बोर्ड भी टांग दिया गया।

बता दें कि आटा सहकारी समिति में 341 टन डीएपी खाद किसानों को बांटी जा चुकी है। 156 टन यूरिया खाद वितरित हो चुकी है। समिति में खाद न होने से क्षेत्रीय किसानों को प्राइवेट दुकानों के दाम बढ़ गए। मजबूरन उन्हें खाद खरीदनी भी पड़ रही है।

आटा के किसान पप्पू कुशवाहा ने बताया कि दस बोरी यूरिया व चार बोरी डीएपी लेने हैं। चार दिन से आटा सहकारी समिति के चक्कर लगा रहे हैं। गेहूं की बुबाई नहीं हो पा रही है।

अकोढ़ी के किसान श्रीराम ने बताया कि पांच बीघा जमीन में गेहूं की बुआई करनी है। तीन दिन से खाद के लिए परेशान हो रहे हैं।

आटा सहकारी समिति में 16 नवंबर को डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया था। उन्होंने बताया कि की 13 नवंबर को 400 बोरी खाद सहकारी समिति पहुंची थी। जो की तीन दिनों के भीतर किसानों को बांट दी गई। वहीं पर यूरिया का स्टॉक एक दिन पहले ही खत्म हुआ है। शासन को तीन ट्रक डीएपी और पांच ट्रक यूरिया की डिमांड लगा दी है। – मनीष तिवारी, सचिव, आटा सहकारी समिति

कालपी में पर्याप्त खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हो रहे हैं। कई जगहों पर खाद की कालाबाजारी भी शुरु हो गई है। सरकारी समितियों में कम खाद होने से प्राइवेट दुकानों से खाद खरीद रहे हैं। जिन पर दाम बढ़कर खाद मिल रही है। महेवा निवासी नरेंद्र सिंह, कुंवर सिंह, रामदीन, मेंबर सिंह आदि ने बताया कि हमारे खेत पलेवा के बाद बुआई के लिए तैयार हुए हैं। भरपूर खाद नहीं मिल रही है। महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। 1450 से लेकर 1500 रुपये तक में डीएपी खरीद कर रहे हैं। महेवा सहकारी समिति के सचिव प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि 4200 बोरी डीएपी एवं 1200 बोरी यूरिया खाद करीब 2000 किसानों को उपलब्ध करा चुके हैं। किसी किसान को खाली हाथ नहीं जाने देंगे। वहीं पीसीएफ केंद्र प्रभारी धनीराम कुशवाहा ने बताया कि हमारे यहां लगभग 7000 से अधिक बोरी डीएपी खाद किसानों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। कम खाद होने से किसानों को परेशानी हो रही है।



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