झांसी। ट्रेन के पहियों की अंदरूनी कमियों को पकड़ने के लिए इनकी अल्ट्रासोनिक मशीन से जांच की जा रही है। यह काम रेलवे के कैरिज एंड वैगन विभाग में बने आरओएच शेड (रूटीन ओवरहालिंग शेड) में किया जा रहा है। मशीन से पहियों को जोड़ते ही कंप्यूटर स्क्रीन पर उनके अंदर की स्थिति सामने आ जाती है। पहिये में अंदर से चटकन होने या अन्य किसी तरह की कमी सामने आने पर ईसीजी की तरह कंप्यूटर स्क्रीन पर ग्राफिक्स बनकर आ जाता है। खामी पकड़े जाने के बाद पहिये को सुधार के लिए वर्कशॉप में भेज दिया जाता है। इसके लिए रेल डिजाइन एंड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) द्वारा कर्मचारियों को अलग से प्रशिक्षित किया जाता है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रभात तिवारी ने बताया कि हर पहिये की प्रत्येक 18 महीने में अल्ट्रासोनिक टेस्टिंग की जाती है। यह बेहद गहन जांच होती है। ब्यूरो
