आटा। कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर बड़े मेले का सोमवार को आयोजन होगा। इस मेले में करीब 400 वर्ष पुराने और 52 बीघे में बने तालाब का बड़ा महत्व है।
बृहस्पति कुंड कहे जाने वाले इस तालाब में हजारों की संख्या में बाहरी प्रदेश से भी रोपण गुरु के भक्त पहुंचते हैं। तड़के ही हुजूम के रूप में तालाब में स्नान, दान और पूजन-अर्चन शुरू हो जाता है।
अकबरपुर इटौरा में स्थित रोपण गुरु मंदिर में पिछले 400 वर्षों से दीपावली के 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा पर विशाल मेला लगता है। ऐतिहासिक रोपण गुरु मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन अन्य प्रांतों के भक्त माथा टेकने आते हैं। मेला 15 दिनों तक चलता है। रोपण गुरु बाबा के भक्त इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। सबसे ज्यादा दार्शनिक यहां का ऐतिहासिक तालाब होता है। यह तालाब बहुत विशाल है और करीब 52 बीघे में इसका निर्माण बताया जाता है।
हालांकि अब काफी हिस्सा लोगों ने अतिक्रमण कर दबा लिया है। यहां के बुजुर्ग बताते हैं कि मान्यता है कि यह कुंड सर्वोत्तम तीर्थ है। यहां पर देव, मुनि गणों ने स्नान कर सिद्धि प्राप्त की थी। मान्यता है कि कुंड में स्नान और दान करने से पाप धुल जाते हैं, भक्त दीपदान करते हैं। रात में यह दृश्य काफी आकर्षण का केंद्र रहता है।
रोपण गुरु मंदिर में मुगलों के वंशज अकबर भी माथा टेकने आए थे। अकबरपुर गांव के प्रधान रामशंकर भास्कर ने बताया कि बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि मंदिर में बादशाह अकबर ने भी अपनी मुराद के लिए प्रार्थना की थी। मुराद पूरी होने पर उसने रोपण बाबा से एक मंदिर बनवाने की इच्छा जाहिर की थी। उसी दौरान मंदिर की नींव रखी गई थी। अकबर की मृत्यु के बाद बेटे जहांगीर ने मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर का निर्माण लाल पत्थर से कराया गया था। लेकिन औरंगजेब ने मंदिर को क्षति पहुंचाई थी।
रामपुरा। थाना क्षेत्र के जगम्मनपुर के पास पचनद पर कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होने वाले मेले के चलते डायवर्जन किया गया है। थानाध्यक्ष भीमसेन पौनिया ने बताया कि मेले के बीच से होकर गुजरने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। इटावा की ओर जाने वाले वाहन भीखेपुर होकर जा सकते हैं। कंजौसा व भिटौरा मार्ग बंद किया गया है। बाबा साहेब वाला रास्ता पांच दिन के लिए बंद रहेगा। मेले की समाप्ति के बाद रास्ता बहाल कर दिया जाएगा।
उरई। कार्तिक पूर्णिमा पर पचनद संगम पर होने वाले स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारी पूरी हो गई है। माधौगढ़ एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने भी पचनद घाट का निरीक्षण किया।
डीएम ने एसडीएम और बीडीओ को सोमवार तड़के से पहले तक चाक-चौबंध व्यवस्था करने को निर्देशित किया। बताया कि स्नान घाट जाने वाले रास्ते व स्नान घाट पर रेत डाली गई है। नदी किनारे बड़े-बड़े प्राकृतिक खतरनाक दिखने वाले पत्थरों को हटाया गया। समतलीकरण कर घाट को बेहतर बनाया गया।
