– डीएम ने दिए निर्देश, सुम्मेरा तालाब व नाले की भूमि पर निर्मित है यह कॉलोनी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के बीचोंबीच बने पार्श्वनाथ कॉलोनी के निर्माण की जांच होगी। यह आदेश डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बुधवार को दिया। पिछले दिनों जिलाधिकारी एक कार्यक्रम के दौरान वहां गए थे। उन्हें कॉलोनी को देखकर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र को जांच करने के लिए कहा है।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के पत्र में बताया गया है कि वह तीन दिसंबर को एक कार्यक्रम में पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित जनक जननी वृद्धाश्रम में गए हुए थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने देखा कि पार्श्वनाथ कॉलोनी एक अनियमित कॉलोनी है। जो ग्रीन लैंड व सरकारी भूमि पर बनी हुई है। बताते चलें कि कॉलोनी भूमि अधिकांश हरित पट्टी में दर्ज है। साथ ही यहां पर सरकारी भूमि भी नाले व सुम्मेरा तालाब की मौजूद है। इस भूमि पर एक समय में डूब क्षेत्र के पट्टे हुआ करते थे, शहर के बीचों बीच यह जमीन होने के कारण भू-कारोबारियों के नजर में यह भूमि आई, उन्होंने किसानों को अपने पक्ष में लेते हुए, इस भूमि को सांठगांठ कर भूमिधरी में दर्ज कराते हुए, किसानों से बैनामा करा लिया। इसके बाद तो यहां पर नगर पालिका के नाले व सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण करते हुए कब्जा कर लिया। साथ ही प्लाटिंग कर बेच दिया गया।
एक कार्यक्रम के दौरान कॉलोनी में जाना हुआ। वहां देखा कि शहर के बीचोंबीच अनियमित कॉलोनी विकसित की गई है। इससे राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है। पूरी कॉलोनी की जांच नियत प्राधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जाएगा।
– अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी, ललितपुर
