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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। एक महीने पहले मोंठ थाना इलाके में हुई तांत्रिक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। झाड़-फूंक के शक में तांत्रिक को मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने घटना के दो आरोपियों को दबोच लिया है।

मोंठ के ग्राम चेलरा निवासी परशुराम उर्फ करोड़े (55) झाड़-फूंक कर लोगों के इलाज का दावा करता था। 31 अक्तूबर को वह खेत पर पानी लगाने गया था। लेकिन, इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। तीन नवंबर को उसका शव बेतवा नदी से बरामद किया गया था। इसके बाद से पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई थी। इस मामले में दो आरोपी दतिया के थाना भांडेर के ग्राम सिंहपुरा निवासी जाहर सिंह व पूर्व दस्यु समथर थाने के ग्राम छेवटा निवासी धन सिंह को गिरफ्तार किया है। धन सिंह पर लूट, हत्या व डकैती जैसे 42 मुकदमे दर्ज हैं।

घटना का खुलासा करते हुए एसपी देहात गोपीनाथ सोनी ने बताया कि मृतक परशुराम झाड़-फूंक करता था। जिन औरतों के बच्चा नहीं होता था, उनको भी मंत्र से बच्चा पैदा करने का दावा करता था। बच्चा न होने पर गांव के धर्मेंद्र ढीमर ने झाड़-फूंक कराई थी। इसके बाद चार बार गर्भपात हो गया था। धर्मेंद्र को शक था कि जब परशुराम झाड़-फूंक करता है तो पत्नी ठीक हो जाती है, लेकिन बाद में उल्टा मंत्र मारकर फिर से वैसी ही स्थिति कर देता है। इस पर उसने अपने साथी अरविंद, समथर के छेवटा गांव निवासी धनसिंह और दतिया के सिंहपुरा गांव निवासी जाहर सिंह के साथ मिलकर परशुराम की हत्या करने की साजिश बनाई। 31 अक्तूबर की रात परशुराम का सिर ईंट से कूचकर उसकी हत्या कर दी थी। शव गमछे से बांधकर बेतवा में फेंक दिया था। घटना के बाद पुलिस ने जाहर सिंह और धनसिंह पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। मोंठ पुलिस और स्वाट टीम ने दोनों को बम्हरौली तिराहे से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनके साथी धर्मेंद्र और अरविंद को कुछ दिन पहले निवाड़ी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने पृथ्वीपुर से एक टीचर का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया था। जबकि, हत्याकांड का एक आरोपी फरार है। दो आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में मोंठ थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह व स्वाट टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर शामिल रहे।



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