Spread the love


– जहर खाकर की थी आत्महत्या

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। बृहस्पतिवार को मोर्चरी में रखे गल्ला व्यापारी के शव की आंखें चूहे खा गए। लाश की बेकदरी देख मृतक के परिजन बिफर पड़े और उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। बाद में समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया गया। गल्ला व्यापारी ने जहर का सेवन किया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा के गल्ला व्यापारी संजय जैन (40) ने बुधवार की शाम जहर खा लिया था। उल्टी होने पर पिता ने देखा तो संजय के मुंह से बदबू आ रही थी। पूछने पर संजय ने बताया था कि उसने जहर खाया है। उसके पास से जहर का एक पाउच भी बरामद हुआ था। हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर भागे थे। यहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह तकरीबन पांच बजे उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद सुबह आठ बजे शव को मोर्चरी में रखवाया गया था। शव लोहे के बॉक्स में रखा था। इसके बाद मृतक के साथ आए सभी परिजन मोर्चरी के बाहर बैठ गए। तकरीबन दो घंटे बाद कुछ और रिश्तेदारों के आने पर वे मोर्चरी में शव को देखने गए। संजय की दोनों आंखें गायब थीं और खून बह रहा था। शव की इस दुर्दशा को देखकर परिजन बिफर पड़े और उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से हाथ खड़े कर दिए। हंगामा होते देख पोस्टमार्टम हाउस में तैनात कर्मचारी भाग खड़े हुए। जानकारी होने पर पूर्व मंत्री प्रदीप जैन भी मौके पर पहुंच गए। विवाद बढ़ने पर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डा. सचिन माहौर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। इसके बाद मुश्किल से परिजन माने और पोस्टमार्टम शुरू हो सका।

बताया गया कि शव की आंखें चूहे खा गए। मोर्चरी की खिड़की में जाली नहीं लगी है, जिससे चूहे अंदर दाखिल हो गए। शव रखने वाला बॉक्स भी टूटा हुआ है। इससे चूहे शव तक आसानी से पहुंच गए और उन्होंने आंखें कुतर लीं। पिछले माह भी मोर्चरी में रखे एक शव को चूहों ने कुतर लिया था। इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

19 साल से अवसाद में था गल्ला व्यापारी

झांसी। जहर खाकर आत्महत्या करने वाले संजय जैन के परिजनों ने बताया कि वह साल 2004 से मानसिक अवसाद से ग्रसित थे। उनका इलाज भी चल रहा था। पिछले कुछ समय से वह नियमित रूप से दवा नहीं ले रहे थे। अवसाद के चलते ही उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। वह दो भाइयों में छोटे थे और उनकी शादी नहीं हुई थी। साथ ही बताया कि वह समाजसेवा में भी आगे रहते थे। रक्तदान के लिए वे हमेशा तैयार रहते थे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *