अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रविवार को प्रेमनगर थाने में आयोजित एक लोको पायलट के निकाह समारोह में हंगामा हो गया। समारोह में बच्ची के साथ पहुंची एक महिला ने आरोप लगाया कि लोको पायलट पहले उससे शादी कर चुका है और वह उसे छोड़कर भाग गया था। महिला ने बताया कि वह राजस्थान में लोको पायलट पर मुकदमा भी दर्ज करा चुकी है। महिला निकाह रोके जाने पर अड़ गई। वहां उसकी किसी ने नहीं सुनी, इस पर महिला थाने पहुंच गई। थाने में युवक और उसके पिता को बुला लिया गया। लेकिन, दोनों पक्षों के दस्तावेज देखने के बाद युवक और पिता को जाने दिया गया। इसके बाद निकाह की अन्य रस्में हुईं।
राजस्थान में भरतपुर के रहने वाले एक युवक ने अलवर में रहकर बीटेक की पढ़ाई की थी। बीटेक पूरा करने के बाद साल 2021 में उसकी रेलवे में लोको पायलट के पद पर नियुक्ति हो गई थी। रविवार को युवक का झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली अपनी सहकर्मी के साथ निकाह समारोह था। लोको पायलट भरतपुर से धूमधाम से बरात लेकर आया था। इसी बीच अलवर निवासी एक महिला अपनी बच्ची के साथ वहां पहुंच गई। महिला ने बताया कि अलवर में पढ़ाई करने के दौरान युवक के उससे संबंध हो गए थे। इसकी जानकारी उसके पति को हो गई थी। इस पर पति ने उसे मौखिक तलाक देकर युवक से उसका निकाह करा दिया था। इसके बाद वह युवक के साथ रहने लगी थी और उसने एक बेटी को भी जन्म दिया था। कुछ साल साथ रहने के बाद युवक उसे छोड़कर चला गया था। महिला ने बताया कि उसने युवक के खिलाफ राजस्थान में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इसे लेकर महिला ने निकाह समारोह में हंगामा खड़ा कर दिया। यहां उसकी सुनवाई न होने पर वह प्रेमनगर थाना पुलिस के पास पहुंच गई। पुलिस ने युवक और उसके पिता को थाने में बुला लिया। पुलिस के सामने महिला युवक के साथ शादी के कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी का इकरारनामा नहीं हुआ था। हालांकि, महिला ने युवक पर दर्ज कराई एफआईआर और मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान की कॉपी पुलिस को दिखाई। जबकि, युवक ने महिला द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में गिरफ्तारी पर कोर्ट की रोक संबंधी आदेश की कॉपी पुलिस के सामने रखी। थाने में तकरीबन दो घंटे तक महिला और युवक के बीच रस्साकसी चलती रही। बाद में पुलिस ने युवक और उसके पिता को जाने दिया।
प्रेमनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ने बताया कि महिला के पास युवक से शादी करने का कोई साक्ष्य नहीं था। महिला ने युवक के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर की कॉपी दिखाई है। जबकि, युवक ने इस मुकदमे में कोर्ट से गिरफ्तारी पर लगी रोक संबंधी दस्तावेज दिखाए हैं। इसके अलावा महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
