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चित्रकूट। पहाड़ी मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के 17 सचिवों के 22 लाख से अधिक के भुगतान का सही हिसाब न मिलने का मामला दो फर्म एक ही बैंक खाते से संचालित होने से सामने आया। लोढ़वारा निवासी एक युवक इन सचिवों की कृपापात्र था जो अरनव व राजू कांस्ट्रेक्श के नाम से फर्म चलाता था। इससे लगभग 50 गांव के निर्माण कार्य का भुगतान होता था। इसका जीएसटी से वैध पंजीयन नहीं था। एक माह की जांच में लखनऊ की टीम को भी इन सचिवों ने सही जवाब नहीं दे पाये थे।

जिले के 17 सचिवों के खिलाफ कोतवाली में दर्ज की गई रिपोर्ट की जांच शुरु हो गई है। प्रथम दृष्टया यह मामला एक माह पूर्व ही डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र की नजर में आया। इस पर उन्होंने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। इसी टीम की रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार एक बार लखनऊ की टीम भी आई तो उसने संदेह जताया कि एक ही बैंक खाते से दो फर्म का भुगतान व संचालन हो रहा है। दोनों फर्म एक ही व्यक्ति संचालित कर रहा है। इसी से भुगतान हो रहा है। मांगने के बाद भी वह कागजात नहीं दे पाये।

डीपीआरओ ने बताया कि दोनों कंपनी के एक ही बैंक खाता, एक की व्यक्ति का संचालन, जीएसटी नंबर सही न होने पर ही पूरा मामला सामने आया है। यह क्रम सन 2019 से चल रहा था। कुल मिलाकर 22.82 लाख का कोई हिसाब नहीं मिल पाया है। इससे संबधित पचास गांव से जुड़े 17 सचिवों से कई बार हिसाब मांगा गया लेकिन कोई कागजात नहीं दिखा पाए। इन भुगतानों में हैंडपंप मरम्मत, खडंजा निर्माण, सड़क निर्माण, कंप्यूटर फीडिंग व अन्य खर्चे का भुगतान एक ही फर्म को किया गया। गौरतलब है कि शनिवार को भुगतान की गड़बडी मामले में 17 सचिव के खिलाफ रिपोर्ट द र्ज की गई है।



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