सर्वे का काम हुआ पूरा, परीक्षण में खामियों को दूर कर शुरू कर दिया जाएगा काम
– सवारी और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग होंगी रेल लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तीसरा रेल ट्रैक बनाने का काम अंतिम दौर में है। इसके साथ ही अब धौलपुर से बीना तक रेलवे ने चौथा रेल ट्रैक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसकी खामियों को दूर कर मौके पर काम शुरू करने की तैयारी है। इसके बन जाने से सवारी और मालगाड़ियां अलग-अलग लाइनों पर चलाई जाएंगी। इससे ट्रेनों की रफ्तार में वृद्धि होगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।
रेल प्रशासन द्वारा आगासौद से झांसी, झांसी से दतिया, डबरा से आंतरी और ग्वालियर से मुरैना तक लगभग 225 किलोमीटर का तीसरा रेल ट्रैक तैयार कर लिया गया है। बाकी लगभग 100 किमी के हिस्से में भी तीसरी लाइन का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है। रेलवे की मई 2024 तक यह काम पूरा करने की तैयारी है। इसी बीच चौथा रेल ट्रैक बनाने की तैयारियां भी तेजी से शुरू कर दी गईं हैं। इसके लिए रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा झांसी रेल मंडल के धौलपुर से बीना तक सर्वे काम पूरा कर लिया गया है। सर्वे रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। इसकी खामियों को दूर कर मौके पर काम शुरू किया जाएगा। रेलवे की अगले साल 2024 में चौथे रेल ट्रैक का निर्माण शुरू करने की तैयारी है।
दूसरी गाड़ी को नहीं देना पड़ेगा ठहराव
तीसरा और चौथा रेल ट्रैक बनकर तैयार हो जाने से एक गाड़ी को गुजारने के लिए दूसरी गाड़ी को ठहराव नहीं देना पड़ेगा। खासतौर पर मालगाड़ी के ट्रैफिक को तीसरी और चौथी रेल लाइन पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। पहली और दूसरी लाइन अप और डाउन की सवारी गाड़ियों के लिए निर्धारित रहेंगी। इससे रेलवे की समयबद्धता में सुधार आएगा।
यह भी जानें…
– 321.80 किलोमीटर लंबा होगा चौथा रेल ट्रैक
– 4,869 करोड़ रुपये आंकी गई है अनुमानित लागत
– इसे रेलवे बोर्ड की मिल चुकी है मंजूरी
– साल 2021 के रेल बजट में मिली थी सर्वे की मंजूरी
– रेलवे की साल 2024 में काम शुरू करने की है तैयारी
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अपनी गति से दौड़ेगी वंदे भारत
पहले और दूसरे रेल ट्रैक पर 12 प्रतिशत लोड अधिक है, जिसके चलते इन ट्रैकों पर रेलवे ने अधिकतम गति सीमा 130 किमी प्रतिघंटा तय कर रखी है। लेकिन, ट्रैफिक अधिक होने की वजह से वंदे भारत जैसी हाईस्पीड ट्रेेनें भी इस रफ्तार को नहीं छू पा रहीं हैं। लेकिन, तीसरा और चौथा रेल ट्रैक बन जाने से हाईस्पीड ट्रेनें अपनी पूरी रफ्तार के साथ दौड़ सकेंगी। बता दें कि वंदे भारत की अधिकतम गति 160 किमी प्रतिघंटा है।
रेलवे लगातार ट्रेनों के आवागमन को सुगम बनाता जा रहा है। इसी के तहत तीसरी लाइन बनाने का काम जारी है और अब चौथा रेल ट्रैक बनाने की भी तैयारी है।
– मनोज कुमार सिंह, मंडलीय जनसंपर्क अधिकारी
