फसल बर्बाद होने के छह माह व एक साल लग जाता है क्लेम की धनराशि आने में
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसान बीमा योजना का लाभ किसानों को सही ढंग से नहीं मिल पा रहा है। हर साल किसान जोखिम से बचने के लिए फसलों का बीमा कराते हैं, लेकिन उन्हें बीमा क्लेम के नाम पर सिर्फ छलावा ही मिलता रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी कुछ ऐेसा ही देखने को मिला। खरीफ की फसल अतिवृष्टि के चलते नष्ट हुई थी। जिसमें किसानों को बीमा होने के बाद भी क्षतिपूर्ति धनराशि नहीं मिल पाई है। हालांकि कुछ किसानों को लाभ मिला है, लेकिन पूरे किसान लाभांवित नहीं हुए हैं।
किसानों को जोखिम से बचाने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का संचालन किया, इस योजना में फसल खराब होने पर किसानों को उस फसल का प्रतिफल मिल जाता है, जिससे वह आर्थिक क्षति से बच सकें। साथ ही बीमा कंपनी से मिली धनराशि से अगली फसल बुआई कर उससे अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। लेकिन बीमा कंपनी किसानों क्लेम की धनराशि देने में इतनी देर कर देती है, कि किसानों को अगली फसल के कर्ज करना पड़ता है। खरीफ की फसल अतिवृष्टि से खराब होने के बाद किसानों को लाभ नहीं मिल पाया है। जबकि किसानों ने बीमा कंपनी को पर्सनल क्लेम भी किया, लेकिन बीमा कंपनी के सर्वेयरों ने फोन पर पूछताछ कर कार्रवाई की इतिश्री कर ली। जिससे किसानों की फसल तो खराब होने से आर्थिक क्षति हुई, लेकिन उसका लाभ वह बीमा कंपनी से नहीं ले पाए।
क्राप कटिंग के आधार पर बीमा कंपनी देती है क्लेम
जनपद में किसानों को बीमा कंपनी क्लेम क्राप कटिंग के आधार पर देती है। खरीफ की फसल में करीब नौ हजार किसानों ने कंपनी को निजी क्लेम किया था। इनमें उन किसानों को बीमा मिलने के आसार है, जिनके पूरे गांव में नुकसान हुआ है, तो वहीं अन्य किसानों के खेतों में जाकर बीमा कंपनी सर्वे की भी जहमत नहीं उठाई है। हालांकि इस प्रकरण में जिला प्रशासन ने बीमा कंपनी के खिलाफ सख्त रूख अपनाया था, अब देखना यह है कि निजी क्लेम करने वाले कितने किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
अतिवृष्टि से फसल खराब हुई थी, बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल किया था। लेकिन फिर भी क्लेम की धनराशि प्राप्त नहीं हुई। जबकि फसल पकने के बाद पानी गिरने से पूरी तरह खराब हो गई थी।
देव सिंह ग्राम हंसारा, किसान।
फसल पककर तैयार हो गई थी, काटने के समय ही लगातार पानी गिरने से पूरी फसल नष्ट हो गई, तो वहीं जब बीमा कंपनी को क्लेम किया, तो उन्होंने अपने ऑफिस में ही बैठकर फसल को तीस प्रतिशत कम नुकसान बताते हुए क्लेम धनराशि देने से इंकार कर दिया।
सीताराम ग्राम गंगचारी, किसान।
वर्ष – फसल – बीमित किसान – क्लेम से लाभांन्वित किसान
2019 – खरीफ – 151127 – 144206
2019- 20 – रबी – 171662 – 9024
2020 – खरीफ – 149510 – 72440
2020-21 – रबी – 143944 – 13564
2021 – खरीफ – 163004 – 146476
2021-22 – रबी – 157231 – 1199
2022 – खरीफ – 182688 – 25268
2022-23 – रबी – 167599 – 8744
2023 – खरीफ – 174397 – 00
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खरीफ की फसल का बीमा अभी किसानों को नहीं मिला है, इस संबंध में बीमा कंपनी को पत्राचार विभाग से किया जा रहा है। जल्द किसानों को बीमा क्लेम की धनराशि दिलाई जाएगी।-राजीव भारतीय, जिला कृषि अधिकारी।
