इस काम में लगाए गए छह विभागों के कर्मचारी जुटे विकसित भारत संकल्प यात्रा में
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिले में लगभग 4 लाख राशनकार्डों में दर्ज 15 लाख से अधिक लोगों का जमीनी सत्यापन 31 दिसंबर तक किया जाना है। इसमें मृतकों और अपात्रों को राशनकार्ड की सूची से बाहर किया जाएगा। लेकिन, मात्र 17 दिनों में बाकी बचे आठ लाख लोगों का सत्यापन पूरा कर पाना विभागीय कर्मचारियों के लिए संकट बना हुआ है। हालांकि अधिकारी तय समय में काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। जबकि सत्यापन करने में लगाए गए कई विभागों के कर्मचारी विकसित भारत संकल्प यात्रा में जुटे हैं।
राशनकार्डों में दर्ज लोगों का सत्यापन सुस्त चाल से चल रहा है। विभाग के अनुसार 15 लाख में अभी 8 लाख से अधिक लोग बाकी हैं, जिन्हें सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना है। उधर, जिलापूर्ति विभाग ने अपात्रों को यह मौका भी दिया है कि वह सत्यापन की अंतिम तिथि से पहले अपने राशनकार्ड विभाग में सरेंडर कर दें। बता दें कि इस काम में छह विभागों को लगाया गया है। लेकिन, इन दिनों विकसित भारत संकल्प यात्रा भी जारी है, इन विभागों के कर्मी यात्रा में लगाए गए हैं। ऐसे में सत्यापन भी पूरी रफ्तार से नहीं हो पा रहा है।
15 लाख लोग ले रहे राशन
वर्तमान में जिले के 15 लाख 6 हजार 768 लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत उचित दर पर सरकारी राशन का उपभोग कर रहे हैं। यही आंकड़ा प्रशासन को गड़बड़ी का संकेत दे रहा है।
ये है पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशनकार्डों की संख्या
झांसी जिले के राशनकार्डों की वर्तमान संख्या 3 लाख 78 हजार 633 है, जिसमें 15 लाख 6 हजार 768 लोग शामिल हैं। इनमें पात्र गृहस्थी राशनकार्ड की संख्या 3 लाख 32 हजार 805 है तो इनमें 13 लाख 56 हजार 903 लोग दर्ज हैं। वहीं, अंत्योदय राशनकार्ड की संख्या 45 हजार 828 है। जिसमें राशन लेने वाले 1 लाख 49 हजार 865 लोग शामिल हैं। हालांकि, अंत्योदय राशनकार्ड में सदस्यों की संख्या मायने नहीं रखती है। इस कार्ड पर प्रति परिवार 35 किलोग्राम राशन प्रदान किया जाता है।
यह हैं पात्र
– कुष्ठ या एड्स रोगी, अनाथ बच्चे, सफाई कर्मी, भिक्षावृत्ति करने वाले, घरेलू कामगार, जूता-चप्पल मरम्मत करने वाले, फेरी, खोमचा व रिक्शा चलाने वाले, कुली, पल्लेदार, दिहाड़ी मजदूर, दिव्यांग महिला, जिसका कोई संरक्षक न हो, जिन परिवार के पास पक्की छत वाला मकान न हो।
यह होंगे अपात्र
– आयकर दाता, चार पहिया वाहन मालिक, शस्त्र लाइसेंस, तीन लाख की सालाना इनकम, परिवार के पास 100 वर्ग मीटर का प्लॉट, एसी या 5 किलोवॉट का जनरेटर, परिवार के पास 80 वर्ग मीटर या अधिक व्यावसायिक जमीन, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में हर्वेस्टर, परिवार की वार्षिक आय दो लाख से अधिक व 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि वाले अपात्र होंगे।
वर्जन
अभी विकसित भारत संकल्प यात्रा भी चल रही है, जिसमें वही कर्मी हैं, जिन्हें राशनकार्ड का सत्यापन करना है। ऐसे में थोड़ा फर्क तो पड़ेगा ही। लेकिन, निर्धारित तिथि तक सत्यापन पूरा होने की उम्मीद है।
-उमेश चन्द, जिलापूर्ति अधिकारी।
