कांग्रेसियों की नजर पड़ने पर खुला मामला
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुधवार को मेडिकल कॉलेज कैंपस में स्थित मोर्चरी में सफाई के दौरान दो खोपड़ियां व मानव अंगों की हड्डियां पड़ी मिलीं। सफाई कर्मचारी कचरे के ढेर के साथ खोपड़ियों व हड्डियों को फेंकने जा रहे थे। इसी दरम्यान वहां प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों की नजर पड़ गई। इससे मामला खुल गया। इसके बाद वहां हंगामा खड़ा हो गया। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि मानव अंगों की हड्डियों का मेडिकल की पढ़ाई में इस्तेमाल होता है। गलती से कर्मचारी इसे फेंकने जा रहे थे, जबकि यह मेडिकल कॉलेज की संपत्ति है।
सात दिसंबर को मोर्चरी में रखे गल्ला व्यापारी संजय जैन के शव की आंखों को चूहे खा गए थे। इससे पहले भी मोर्चरी में कई शवों की बेकदरी सामने आ चुकी है। मामला शासन स्तर पर पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा मंगलवार से मोर्चरी की सफाई शुरू की गई थी। इसी बीच मेडिकल की प्रमुख अधीक्षक डा. सुनीता राठौर मोर्चरी के निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। उन्हें वहां एक बॉक्स में दो अज्ञात शव रखे हुए मिले थे। इस अव्यवस्था के उजागर होने पर बुधवार की सुबह पूर्व मंत्री प्रदीप जैन की अगुवाई में कांग्रेसी पोस्टमार्टम हाउस के पास धरने पर बैठ गए। इसी बीच सफाई कर्मचारी मोर्चरी से कचरे का ढेर लेकर बाहर आए, जिसमें दो खोपड़ियां व मानव अंगों की बीस से अधिक हड्डियां थीं। इस पर कांग्रेसियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनका कहना था कि ये हड्डियां किसकी हैं, यह मेडिकल कॉलेज प्रशासन को बताना होगा। इनकी आंखों व गुर्दे कहां गए, इसकी भी जानकारी देनी होगी। इसे लेकर काफी देर तक वहां हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत दिया।
वहीं, प्रधानाचार्य डा. एनएस सेंगर ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हर छात्र के पास मानव कंकाल होता है। इसके अलावा मोर्चरी के सामने बनी बिल्डिंग में शव विच्छेदन होता है। उन्होंने बताया कि मोर्चरी की बिल्डिंग में पहले पोस्टमार्टम भी होता था। ऐसे में वहां कई मानव अंग सुरक्षित रखे गए हैं। खोपड़ियां व हड्डियां भी उसी का हिस्सा हैं, जो सफाई कर्मचारियों की लापरवाही से बाहर आ गईं। उन्हें वापस सुरक्षित रखवा दिया गया है।
हड्डियों को जलाने की हुई कोशिश
बुधवार को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में मिलीं कुछ हड्डियां अधजली थीं। इससे अनुमान लगाया गया कि हड्डियों को पहले जलाने की भी कोशिश की जा चुकी है। इसके अलावा हड्डियों के साथ बाल भी मिले हैं।
मोर्चरी पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
मोर्चरी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बुधवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन की बैठक हुई, जिसमें मोर्चरी में सीसीटीवी कैमरे लगवाने व प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा तय हुआ कि तैनात स्टाफ की ड्यूटी का रोस्टर मोर्चरी के बाहर चस्पा किया जाएगा। यह सभी काम एक सप्ताह में पूरे कर लिए जाएंगे। बैठक में प्रधानाचार्य डा. एनएस सेंगर, सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय, प्रमुख अधीक्षक डा. सुनीता राठौर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सचिन माहुर मौजूद रहे। बता दें कि लगातार अनदेखी की वजह से मोर्चरी खंडहर में तब्दील हो चुकी थी। मोर्चरी चारों ओर से झाड़ियों से घिरी हुई थी। यहां शव लोहे के टूटे हुए बॉक्स में रखे जाते थे, जिसे चूहे, नेवले आदि इन्हें खा जाते थे। मामला सामने आने के बाद अब यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रहीं हैं।
