– रसोईघर में मिली गंदगी, उपस्थिति रजिस्टर भी नहीं मिला व्यवस्थित
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शनिवार को जेडी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बबीना का निरीक्षण किया। जिसमें विद्यालय में कई अव्यवस्थाएं मिलीं। रसोईघर में गंदगी थी, दूध की मात्रा भी छात्राओं की संख्या के अनुरूप कम दर्ज थी।
विद्यालय में निरीक्षण के समय परीक्षा चल रही थी। विद्यालय में पंजीकृत 100 में से 88 छात्राएं ही उपस्थित थीं। अनुपस्थित 12 छात्राओं की रजिस्टर में एंट्री ही नहीं थी, छात्राएं कब और किसके साथ गईं इसका कोई रिकॉर्ड नहीं था। प्रधानाचार्या ने कहा कि छात्राएं बीमार होने के कारण परिवारवालों के साथ घर चली गई हैं। वहीं विद्यालय के रसोईघर में कढ़ी बन रही थी, जबकि मैन्यू में मिक्स दाल और मौसमी सब्जी था। मुख्य रसोइया को छात्राओं की उपस्थिति और दूध की मात्रा के बारे में पता ही नहीं था। लेकिन रसोईघर में काफी गंदगी जमी हुई थी। पिछले तीन दिन से विद्यालय में अकाउंटेंट नहीं आ रहीं थीं। वहीं विद्यालय स्टॉफ में 14 में से 6 लोग ही उपस्थित थे।
जेडी ने प्रेम प्रकाश मौर्य ने वॉर्डन और प्रधानाचार्या से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उन्होंने बीएसए की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कस्तूरबा विद्यालयों में आए दिन शिकायतें आती हैं, बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है।
वहीं उप निरीक्षक संस्कृत पाठशाला राजकुमार विश्वकर्मा ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बबीना के छात्रावास का सुबह 11:23 पर निरीक्षण किया। रजिस्टर में 100 में 81 छात्राएं उपस्थित थीं। हॉस्टल के पुराने रिकॉर्ड देेखे, जिसमें अक्तूबर और नवंबर माह में छात्राओं की उपस्थिति 10 से भी कम दर्ज थी। वहीं किचिन के स्टॉक रजिस्टर में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। 17 छात्राओं की चाय के लिए एक दिन में 250 ग्राम चाय पत्ती निकाली गई, अगले दिन 15 छात्राओं के लिए फिर 250 ग्राम चायपत्ती निकाली गई। इसके अलावा अन्य सामग्री भी छात्रा संख्या के अनुरूप काफी ज्यादा मात्रा में उपभोग की जा रही है।
