संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 17 Dec 2023 12:53 AM IST
चित्रकूट। दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री आशा पारेख ने कहा कि आज की कला व कलाकार पाश्चात्य सभ्यता से प्रभावित हैं। हालांकि ओटीटी ने कलाकारों की काफी मदद की है। कुछ कहानियों पर बेहद खूबसूरत फिल्में बनी हैं। इनको बढ़ावा मिलना चाहिए। ज्यादा मारधाड़ व हिंसा वाली फिल्मों पर अंकुश लगना चाहिए।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शनिवार को पहुंचीं आशा पारेख ने खजुराहो शहर की तारीफ की। कहा कि यहां फिल्मों की शूटिंग का अच्छा लोकेशन है। वह चौथी बार आई हैं। यहां आने पर पुराने यादें ताजा होती है। यहां के मंदिर देश भर को संदेश देते हैं। इस शहर में होने वाला डांस फेस्टिवल देश भर में मशहूर है। फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला के प्रयास से खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल स्थानीय कलाकारों की हौसलाआफजाई का बड़ा मंच है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए बहुत मेहनत व तैयारी करनी पड़ती है। पुरानी व आधुनिक फिल्मों की तुलना पर कहा कि हिंसा प्रधान फिल्में उन्हें पसंद नहीं। आजकल ऐसी फिल्मों पर ज्यादा जोर है जो बच्चों पर बुरा प्रभाव डालती हैं।
