ललितपुर। संदिग्ध परिस्थिति में घायल मिले किशोर की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज झांसी में मौत हो गई। परिजन शव को लेकर कोतवाली पहुंचे और गांव के कुछ युवकों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सीओ सदर ने मृतक के परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कोतवाली अंतर्गत ग्राम नैगांवकलां निवासी अजय उर्फ अनुज (14) पुत्र भरत सिंह संदिग्ध परिस्थिति में घायलावस्था में 6 दिसंबर को सड़क किनारे पड़ा मिला था। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। यहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया था। मेडिकल कॉलेज झांसी में शनिवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन अनुज के शव को लेकर शनिवार की देर शाम कोतवाली सदर पहुंचे। यहां मृतक के पिता ने बताया कि 6 दिसंबर को गांव के दो युवक उसके पुत्र को राजघाट कहने की बात कहकर अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गए थे। लेकिन जब रात तक उसका पुत्र नहीं आया तो वह आरोपियों के घर पहुंचा और जानकारी जुटाई। लेकिन दोनों युवकों ने कोई जानकारी नहीं दी थी। उल्टे उसके साथ गाली गलौज की थी। वह पुत्र की खोजबीन करते हुए वह बस से आ रहा था तब जानकारी हुई कि अजय सड़क किनारे घायल पड़ा मिला और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। यहां से वह जिला अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि उसे झांसी रेफर कर दिया गया। झांसी पहुंचा तो उसका पुत्र यहां पर मरणासन्न अवस्था में पड़ा था और इलाज चल रहा था। मृतक के पिता ने आरोप लगाए कि दोनों युवकों ने उसके पुत्र को जान से मारने की नीयत से घटना की है और बचाव के लिए पुलिस के समक्ष मनगढ़ंत कहानी सुना दी थी। किशोर के पिता ने दोनों युवकों पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सीओ सदर ने मृतक के परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन मृतक किशोर के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गांव चले गए।
घायल किशोर की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली आए थे। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभय नारायण राय, क्षेत्राधिकारी सदर
