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– परीक्षा नियंत्रक से मांगी आख्या, किसी कर्मचारी की भी मिलीभगत की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में सत्यापन के लिए आने वाली छात्र-छात्राओं की मार्कशीट और डिग्रियों का डाटा लीक होने के प्रकरण की पड़ताल करके असिस्टेंट रजिस्ट्रार से आख्या मांग ली है। वह अपनी रिपोर्ट परीक्षा नियंत्रक को सौंपेंगे। इस मामले में बीयू के स्टाफ की मिलीभगत की आशंका है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मार्कशीट, डिग्री का सत्यापन कराने के लिए पिछले तीन सालों से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जितनी भी कंपनियां दस्तावेजों का सत्यापन करने के लिए आवेदन करती हैं, उसका डाटा सिर्फ बीयू के गोपनीय विभाग के स्टाफ के पास रहता है। मगर खुद को शिक्षा सलाहकार बताने वाला एक व्यक्ति अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ये डाटा लीक कर रहा है और किसी भी तरह का सत्यापन कराने का दावा कर रहा है। बाकायदा पोस्ट में छात्र का नाम डालकर संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है। कई छात्र उसके शिकार भी बन रहे हैं। हाल ही में बिहार के सीवान निवासी एक छात्र से 70 हजार रुपये ले लिए गए। इस मामले में बीयू के पुरातन छात्र अधिवक्ता सत्येंद कुमार, रवि चंद्रा, विनय कुमार, शशांक दुबे आदि ने भी कुलपति से शिकायत की है। शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने भी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर का कहना है कि पुरातन छात्रों का शिकायती पत्र मिला है। इस प्रकरण में असिस्टेंट रजिस्ट्रार से आख्या मांग ली गई है। वह पूरे प्रकरण की पड़ताल करके रिपोर्ट देंगे। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
