संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पर्यावरण में फैले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इलेक्टि्रक बसों के संचालन की योजना बनाई है। जिसके तहत झांसी से अन्य शहराें के लिए इन बसों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए निदेशालय स्तर से सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति सप्ताह भर के भीतर ही सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही बसों के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा।
झांसी से विभिन्न मार्गों पर 300 से अधिक निजी बसों का संचालन किया जाता है। डीजल से चलने वाली बसों से प्रदूषण अधिक होता है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ ही इलेक्टि्रक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश इलेक्टि्रक वाहन विनिर्माण एवं गतिशील नीति-2022 के अंतर्गत झांसी से अन्य शहरों में इलेक्टि्रक बसों के संचालन की योजना तैयार की गई है। इलेक्टि्रक बसों को परमिट की आवश्यकता नहीं होने पर झांसी से ललितपुर, कानपुर, टीकमगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी सहित अन्य शहरों के लिए इलेक्टि्रक बसें संचालित की जाएंगी। इसके लिए विभाग द्वारा कई जगहों पर चार्जिंग प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। निदेशालय स्तर से गठित की गई समिति की रिपोर्ट के बाद सरकार द्वारा फैसला लिया जाएगा। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रभात पांडेय ने बताया कि इलेक्टि्रक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इलेक्टि्रक बसों के संचालन की रूपरेखा तैयार की है। जिसके तहत सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार की ओर से निर्णय लिया जाएगा।
समिति में उप परिवहन आयुक्त (मुख्यालय) सगीर अहमद अंसारी, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) बरेली संजय सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (मुख्यालय) संजय नाथ झा, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रर्वतन) प्रभात पांडेय झांसी, अपर सचिव राज्य परिवहन (सचिव) उदयवीर सिंह, सहायक संभागीय परिवहन आयुक्त (प्रशासन) बिजनौर एसएस सिंह, सहायक संभागीय परिवहन आयुक्त (विस्तार पटल) लखनऊ हिमांशु जैन को शामिल किया गया है।
