चित्रकूट। गांजा तस्करी के मामले में दोषी को त्वरित न्यायालय ने तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सनद कुमार मिश्रा ने बताया कि 2 मार्च 2022 को मऊ थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक कन्हैया बक्श सिंह ने गढवा गांव के निवासी धनराज केवट उर्फ पांडेय को गजरी पुलिया के पास से गिरफ्तार किया था। जिसके पास से एक बोरी में आठ किलो गांजा बरामद हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने धनरराज के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत करने के साथ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शनिवार को त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज सुशील कुमार वर्मा ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी धनराज को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
जीआरपी टीम के पकडे गए दोषी पर चोरी के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 15 माह कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन अधिकारी हरिओम सिंह ने बताया कि मानिकपुर जीआरपी टीम ने चोरी के मामले में मध्य प्रदेश के सतना जिले के सभापुर थाने के वैदहा निवासी लालराम कोल को गिरफ्तार किया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मानिकपुर जीआरपी थाना प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा ने इस मामले में पैरोकार सतीश चंद्र के जरिए प्रभावी पैरवी की थी। साथ ही न्यायालय में समय से गवाहों को पेश कराया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम अंजलिका प्रियदर्शी ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी लालाराम कोल को 15 माह कारावास की सजा सुनाई।
