चित्रकूट। खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में रविवार को मशहूर हास्य फिल्म अभिनेता गोवर्धन असरानी ने टपरा टाकीज का शुभारंभ किया। फिल्म शोले के कई डॉयलाग बोलकर दर्शकों को गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि फिल्में समाज की वास्तविकता दिखाती हैं। यह भी कहा कि आजकल की फिल्मों में परिहास नहीं दिखता है। जिंदगी ही परिहास बन गई है।
टपरा टाकीज के शुभारंभ के बाद असरानी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यहां आकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उनके साथ विजय कश्यप, रेखा खान, सुरेश शर्मा, मारियाना गार्गो, फिल्म मेकर सूरज रैना भी मौजूद रहे। बताया यह उनका पहला फिल्म फेस्टिवल का अनुभव है। फिल्म और सिनेमा समाज का दर्पण हैं, समाज की वास्तविकता ही फिल्मों में दिखाई जाती है। अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने फिल्म अलाप में तांगे वाले का रोल करते हुए गाना गया था। पहले यह गाना किशोर कुमार गाने वाले थे। उनकी गैर मौजूदगी में मुझे यह गीत गाने का अवसर दिया। फिल्म के मुख्य कलाकार अमिताभ बच्चन और रेखा थीं। मेरे गाए कई गीत सुपरहिट हुए हैं।
अभिनेता विजय कश्यप ने बताया कि उन्होंने खजुराहो में सिनेमा हॉल न होने पर सरकार को ध्यान को संज्ञान लेने के लिए कहा। फिल्म फेस्टिवल के लिए थिएटर होना आवश्यक है और उस पर ध्यान ही चाहिए। मुंबई से सीधी फ्लाइट होने के लिए भी कहा। उन्होंने फिल्म को एक सामाजिक विधा बताया। संवाद
