चित्रकूट। ठेकेदारी के काम में ट्रैक्टर लगाने के विवाद में ठेकेदार की हत्या के मामले में न्यायालय ने पांच को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 21-21 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस मामले का फैसला 23 माह में आया है।
बुधवार को अभियोजन अधिकारी शशिकांत यादव ने बताया कि 2 जनवरी 2022 को सपहा गांव के किशोर उर्फ रामकिशोर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि ठेकेदार रामराज वर्मा (35) गांव में ही काम करा रहे थे। लौढि़या खुर्द निवासी विनय व छिपनी के विजय बहादुर नशे में धुत होकर आए और ठेकेदारी के काम में अपना ट्रैक्टर लगाने के लिए कहा। रामराज ने इन्कार कर दिया। इस पर दोनों ने रामराज की जेसीबी, ट्रैक्टर में आग लगाने की धमकी दी। रामराज ने उनसे नशे में होने की वजह से बाद में बात करने को कहा। इसके बाद रात लगभग नौ बजे दोनों गांव के ही अजीत पटेल, सुधीर पटेल, अरुण तिवारी आदि उनके घर पहुंचे। वहां इन लोगों ने जमकर उपद्रव किया। जेसीबी, जीप आदि वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और जबरन घर में घुस गए।
आरोपियों ने लाठी-डंडों से सभी को जमकर पीटा। रामराज की पिटाई कर मरणासन्न कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वारदात में पड़ोस में रहने वाली महिला मजदूर पूजा व सीमा को भी गंभीर चोटें आईं। पूजा का हाथ टूट गया। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी ने दोषी अजीत पटेल, सुधीर पटेल, अरुण तिवारी, विनय सिंह व विजय बहादुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
