चित्रकूट/मानिकपुर/सरैंया । भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही बिजली की आपूर्ति बाधित होने लगी है। बिजली के पावर हाउसों सहित शहर व गांवों में लगे बिजली के उपकरण जल रहे हैं। शहर में कभी-कभी हालत यह हो जाती है कि पांच से छह घंटे से अधिक बिजली की आपूर्ति बंद हो रही है।
मंगलवार को शहर के पुरानी बाजार स्थित फीडर के एलटी लाइन की केबिल जल जाने से विद्युत की आपूर्ति शहर के कई स्थानों पर बंद रही। इसी तरह से गांवों की भी बिजली की आपूर्ति बंद रहती है। जिले में एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति लड़खड़ाई हुई है। दिन के साथ रात को भी बिजली की आपूर्ति बाधित हो जाती है। कभी-कभी तो बार-बार ट्रिप होती रहती है। इससे बिजली के उपकरण खराब हो जाते हैं। जिले के मानिकपुर, बरगढ़, भरतकूप व राजापुर क्षेत्र में हालत अधिक खराब है।
यदि एक बार उपकरण मेें खराबी आ जाती है तो उसको बनाने में एक से दो दिन लग जाते हैं। मारकुंडी के भोला तिवारी ने बताया कि उनके गांव के पास बिजली के उपकरण खराब हैं। कुछ जगह तार टूट गए हैं, तो हालत यह हो जाती है कि एक से दो दिन बिजली की आपूर्ति बनाने में लग जाते हैं। टिकरिया गांव के राजू कोल ने बताया कि उनका जंगल से लगा गांव है। आए दिन बिजली की कटौती होती रहती है। इसके अलावा विकास नगर कपसेठी के पास सोमवार की रात्रि ट्रांसफार्मर जल जाने बिजली की आपूर्ति बाधित है। जिसके चलते लोग भीषण गर्मी बिलबिला रहे हैं।
चित्रकूट। बिजली विभाग के अधिशासी अधिकारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि गर्मी के सीजन में बिजली की खपत अधिक होती है। इसका असर बिजली के उपकरणों पर पड़ता है। जिससे उसमें खराबी आ जाती है। जिसके कारण बिजली की आपूर्ति बाधित हो जाती है। बिजली की खपत को देखते हुए नया पावर हाउस भी सपहा में शुरू किया गया है। इसी तरह से सरैंया में भी पावर हाउस बनाया गया है। बनकट स्थित पावर हाउस में उसकी क्षमता बढ़ाई गई है।
पेयजलआपूर्ति पर भी असर
चित्रकूट। बिजली की आपूर्ति न होने से पानी की सप्लाई में बाधित हो जाती है। शहर के मंदाकिनी नदी से एशिया की सबसे बड़ी योजना का संंचालन किया जाता है। यहां से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की जाती है। जब कभी बिजली की आपूर्ति बंद हो जाती है, तो पानी की आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हो पाती।
